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उपखंड अधिकारी शाहबाद के खिलाफ भड़के किसानों ने हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन

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रामपुर। बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी शाहबाद पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए किसानों ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे किसानों के कब्जे में रहा। इस दौरान किसानों के तेवर देख बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट व तहसीलदार सदर मौके पर पहुंच गए। किसानों ने नगर मजिस्ट्रेट को सड़क पर ही बैठा लिया, जिसके बाद उन्होंने किसानों को ठोस आश्वासन दिया। इसके बाद किसान शांत हो सके और तब जाम खोला गया।
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भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के कार्यकर्ता एकत्र होकर अधिशासी अभियंता मिलक के कार्यालय पर आ गए। इसके बाद नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरूकर दिया। देखते ही देखते तमाम किसान हाईवे पर आ गए और दोपहर करीब एक बजे हाईवे जाम कर दिया। सूचना मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट होम सिंह, तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियंता मिलक नरेश कुमार मौके पर पहुंच गए। इस बीच किसानों से नगर मजिस्ट्रेट को जमीन पर बैठा लिया। ब्लॉकाध्यक्ष सुरजीत सिंह का कहना था कि उपखंड अधिकारी शाहबाद महेंद्र सिंह किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। किसानों से रिश्वत ली जा रही है जबकि, रिश्वत लेते हुए वीडियो भी किसान के पास है,लेकिन विभाग के अधिकारी एसडीओ को बचाने में लगे हुए हैं। किसानों के तीन और पांच हार्सपॉवर के नलकूपों का भार खुद व खुद बढ़ाकर दस किलोवाट कर दी है, जिसके आधार पर किसानों के 80-80 हजार रुपये के बिल बनाकर भेजे जा रहे हैं। रेडिको खेतान के नाले से केमिकल युक्त पानी निकल रहा है, जिससे किसानों की जमीनों की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है। पानी से लोगों की सेहत पर भी दुष्परिणाम पड़ रहे हैं। एसएसपीसीएफ जौलपुर, दनियाफत्तेहपुर के यूपीएसएस के क्रय केंद्र पर बिना धान की खरीद के हजारों कुंटल की धान खरीद दर्शा दी गई है। उन्होंने एसडीओ को निलंबित कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने, किसानों के नलकूपों का भार कम करने, रेडिको खेतान के पानी की निकासी बंद करने और दोनों धान क्रय केंद्रों की जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर चरनजीत सिंह, निशान सिंह, मेहर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, झंडू सिंह आदि उपस्थित रहे।
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