भोट (रामपुर)। कृषि कानूनों के विरोध में कोयला टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बुधवार को भी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और तीनों कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। साथ ही किसान दिवस का कार्यक्रम स्थल बदले जाने और किसानों को इसकी जानकारी न देने पर भी आक्रोश जताया।
कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कार्यकर्ता 171 वें दिन भी धरने पर डटे रहे। जिला संगठन मंत्री होरीलाल ने कहा कि प्रदेशभर में हर महीने के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया जाता था। लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते काफी समय से किसान दिवस का आयोजन नहीं किया जा रहा है। किसान दिवस की बैठक के लिए एजेंडा तय होने के बावजूद उप कृषि निदेशक ने कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करने की सूचना जारी कर दी और किसानों को बताए बिना ही विकास भवन सभागार में बैठक का आयोजन कर खानापूरी कर दी और किसानों को भनक भी नहीं लगी। किसानों के साथ इस तरह का भद्दा मजाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 22 नवंबर को होने वाली महापंचायत लखनऊ में की जाएगी। पदाधिकारियों से अपील की कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और बड़ी तादाद में 22 नवंबर को लखनऊ महापंचायत में वे शामिल हों। कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते हैं और एमएसपी पर कानूनी गारंटी नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में पूर्व मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब, तहसील अध्यक्ष इरफान हसन, छिद्दा अली, दिनेश बाबू, साबिर अली, नईम अहमद, सरताज अहमद, चन्द्रसेन, तुफैल अहमद, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।