रामपुर। भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने किसानों को बाढ़ से तबाह हुई फसलों का उचित मुआवजा दिलाने और अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
सोमवार को भाकियू अंबावता कार्यकर्ताओं ने पहले आंबेडकर पार्क में पंचायत की। इसके बाद किसान पैदल नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों की भीड़ को देखकर कलक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया गया। लेकिन, किसान जबरदस्ती गेट खोलकर कलक्ट्रेट में दाखिल हो गए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि आज किसानों का बहुत बुरा हाल है। फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। किसान तो पहले ही बैंकों और साहूकारों के कर्ज के नीचे दबा हुआ था और अब बेमौसम बारिश और सैलाब ने किसानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। सरकार को चाहिए कि किसानों का पूरी तरह से कर्ज माफ करे। किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख का मुआवजा दिया जाए। बैंकों द्वारा आरसी काटी गई हैं उनको वापस किया जाए। राजस्व वसूली पर तुरंत रोक लगाई जाए। बिजली के बिल माफ किए जाएं और 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाए। बिलासपुर में बाईपास फोर लाइन में एनएचएआई द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है। बाईपास में पानी की निकासी का ध्यान नहीं रखा गया जिसके कारण हजारों एकड़ किसानों की फसलें नष्ट हो गई। एनएचएआई से मुआवजा दिलाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मोहम्मद सलीम वारसी, रफीक खान, भानु प्रताप गंगवार, हारुन, राशिद अंसारी, फिरोज खान, रईस अहमद, शिवचरण राठौर, नईम कश्मीरी, हाजी रफीक, लखविंदर सिंह, परमजीत सिंह, रंजीत सिंह, सरबजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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राधेश्याम