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किसानों ने बिलासपुर में रोकी गरीब रथ एक्सप्रेस, रामपुर और मिलक स्टेशन पर भी पहुंचे किसान

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बिलासपुर/मिलक/रामपुर। लखीमपुर घटना और कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने सोमवार को मिलक, बिलासपुर और रामपुर में ट्रेन रोकने का प्रयास किया। हालांकि किसान बिलासपुर में ही गरीब रथ एक्सप्रेस को रोकने में कामयाब रहे। यहां पर गरीब रथ एक्सप्रेस का दो मिनट का स्टॉपेज था लेकिन, किसानों ने करीब दस मिनट तक ट्रेन को रोके रखा। रामपुर में किसानों के ट्रैक पर पहुंचने के कारण एक मालगाड़ी और देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा। मिलक में किसान ट्रैक तक नहीं पहुंच सके और रेलवे स्टेशन से ही उन्हें अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस भेज दिया।
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सोमवार की सुबह भारी बारिश के बावजूद संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में तमाम किसान सुबह दस बजे से ही स्थानीय बिलासपुर रोड रेलवे स्टेशन पर एकत्र होने लगे। किसानों की पहुंचने की सूचना पर उप जिलाधिकारी अशोक कुमार चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी विद्या किशोर शर्मा, तहसीलदार रणविजय सिंह, नायब तहसीलदार अमरपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी तेजवीर सिंह, आरपीएफ के उप निरीक्षक संदीप भारती, रमेश चंद, स्टेशन अधीक्षक अजय कुमार आदि भारी पुलिस बल के साथ रेलवे स्टेशन पर सक्रिय हो गए। मुरादाबाद से काठगोदाम जा रही जम्मूतवी काठगोदाम (गरीब रथ) एक्सप्रेस ट्रेन 11:55 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान तमाम किसान रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और ट्रेन को रोकने का संकेत करने लगे। चालक ने ट्रैक पर ट्रेन को रोक लिया। करीब 10 मिनट के धरना-प्रदर्शन के दौरान तमाम किसान ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए और प्रदर्शन करने लगे। ट्रेन का बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचने का समय 11: 46 बजे है और दो मिनट का स्टॉपेज है। लेकिन, सोमवार को गरीब रथ करीब 11: 55 बजे पहुंची थी और 12:05 बजे रवाना हुई। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने किसानों से ट्रेन से उतरने का आग्रह किया और पुलिस के अनुरोध पर किसान ट्रेन से उतर रहे थे। इस बीच कुछ किसान रेलवे ट्रैक पर बैठने लगे। जिसका पुलिस प्रशासन ने विरोध किया। इस दौरान कुछ किसानों ने भी ट्रैक पर बैठने वाले किसानों को ट्रैक से उठाने का प्रयास किया तो किसान आपस में ही भिड़ने लगे, हालांकि सभी किसानों को पुलिस प्रशासन ने दस मिनट के बाद ट्रैक से हटाकर प्लेटफार्म पर पहुंचा दिया। इस दौरान ट्रेन गंतव्य को रवाना हो गई। कुछ नाराज किसानों ने संयुक्त मोर्चा के कुछ किसानों से नाराज होकर रेलवे प्लेटफार्म से पहुंचे और उन्होंने केंद्र सरकार के साथ-साथ संयुक्त मोर्चे के कुछ किसानों के खिलाफ भी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहीं प्लेटफार्म पर हुई पंचायत में जिला पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह ढिल्लो, मोहम्मद हनीफ वारसी, मोहम्मद सलीम वारसी, गुरचरन सिंह, जगजीत सिंह गिल, जागीर सिंह, मोहम्मद हसन, हाजी अता उर्र रहमान, रहीस अहमद, गुरबीर सिंह विर्क, चंपत सिंह यादव, सफीक अहमद, प्रीतपाल सिंह, सुखविंदर सिंह चीमा, शमशेर सिंह, भानु प्रताप गंगवार, गुच्छन खां, अर्जुन सिंह गिल, बलवीर सिंह गंगवार आदि ने केंद्र सरकार को जमकर कोसा। संचालन भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष जगजीत सिंह गिल ने किया। इसके सभी बाद किसान करीब डेढ़ बजे रेलवे स्टेशन से बाहर निकल आए।
रामपुर में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर घटना और तीनों कृषि कानूनों के विरोध में रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। किसान करीब आधा घंटे तक ट्रैक पर जमे रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों का सुबह से ही कार्यालय पर जुटना शुरू हो गया था। एहतियात के तौर पर जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई थी। कार्यालय पर जब भीड़ जमा हो गई तो किसान भाकियू जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए किसान रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े। मेन गेट पर किसानों को पुलिस ने रोक लिया लेकिन, धक्का-मुक्की के बीच किसान आगे बढ़ गए। पुलिस रेलवे स्टेशन के गेट की घेराबंदी कर ली थी, लेकिन किसान यहां भी नहीं रुके और पुलिस को हटाते हुए ट्रैक पर बैठ गए।
किसान पांच नंबर रेलवे लाइन पर बैठे, जिससे रन-थ्रो ट्रेनों और मालगाड़ी को गुजारा जाता है। इस दौरान बरेली की ओर से आ रही एक मालगाड़ी को आउटर पर करीब 25 मिनट और मुरादाबाद की ओर से आ रही देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस को करीब 40 मिनट तक आउटर पर रोकना पड़ा। इस दौरान किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि जब तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता, लखीमपुर घटना के पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सकेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की विरोधी हैं। किसान करीब साढ़े बारह बजे स्टेशन के अंदर पहुंचे और करीब पौने एक बजे से आधा घंटे तक ट्रैक पर रहे। इसके बाद तेज बारिश आने पर किसान वापस चले गए। इस दौरान राहत खान, सुभाष चंद शर्मा,रामदास मौर्य, दरियाव सिंह यादव, विजेंदर गंगवार, पिंटू चौधरी, राजवीर सिंह, मोहम्मद तालिब, हाफिज अयूब, सिराज अहमद ,उस्मान, मोहम्मद मुस्तकीम, लखविंदर सिंह, मनजीत सिंह अटवाल, मेहंदी हसन, अमृत सिंह, विनोद यादव, मधुबाला,अमृतपाल भिंडर, दिलबाग सिंह,राम अवतार आदि शामिल रहे।
वहीं मिलक में पुलिस ने भाकियू(टिकैत) के प्रदेश संगठन मंत्री अजय बाबू गंगवार के घर और आसपास करीब घंटे भर डेरा डाला। पुलिस का प्रदेश संगठन मंत्री की गतिविधियों पर पहरा रहा । वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पर पुलिस का पहरा रहा। यहां पर पहुंचे 6-7 भाकियू चढ़ूनी समर्थक किसानों को पुलिस ने वार्ता करके वापस भेज दिया। सीओ ओमकार नाथ शर्मा और प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ डेरा डाले रहे। सूचना पर उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह भी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। पुलिस एवं प्रशासन ने किसानों से बात की और उनको समझाकर वापस भेज दिया। जिसको लेकर प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि सात किसान स्टेशन पर आए थे। वह पटवाई के आए थे और वह यहां से होकर जा रहे थे। पुलिस ने वार्ता करके वापस भेज दिया। उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह का कहना था कि रेलवे स्टेशन पर पहले से पुलिस तैनात थी। आए हुए लोगों को वापस भेज दिया।
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