भोट। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में टोल प्लाजा पर बेमियादी धरने पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी कृषि कानूनों जबरन थोपने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की है।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भाकियू का धरना 108 वें दिन भी जारी रहा।
कोयला टोल प्लाजा पर किसानों ने नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार पर उद्योगपतियों के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए जमकर कोसा। भाकियू मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून देश के किसान मजदूर को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसी कारण किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को चाहिए तीनों कृषि काले कानून वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाए। वहीं, प्रदेश सरकार के वादों का झूठा बताते हुए कहा कि नहरों की सफाई नहीं हुई है। नहरों में पानी नहीं है। ग्रामीण सड़कें टूटी पड़ी हैं। बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करें और किसानों का सम्मान करें। इस दौरान तहसील अध्यक्ष इरफान हसन, छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, दिलशाद हुसैन, यामीन, यासीन, जुम्मा, सलीम, मुजफ्फर अली, देवीदास आदि मौजूद रहे।