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खेती तो एक सीजन की नष्ट होगी, कानून तो भविष्य ही चौपट कर देगा

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भोट (रामपुर)। नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना बीसवें दिन भी जारी रहा। जिला संगठन मंत्री ने कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों की खेती तो केवल एक सीजन की नष्ट होगी। कानून लागू हो गया तो किसानों का भविष्य चौपट हो जाएगा। इसलिए किसानों को हिम्मत नहीं हारना है। किसानों ने केंद्र सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी और प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
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कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 20 दिनों से सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे है। बुधवार को धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए जिला संगठन मंत्री होरी लाल ने कहा कि अभी तो किसान आंदोलन को छह माह ही हुए है। सरकार अभी इन कृषि कानूनों से किसानों और देश को होने वाले नुकसान को समझ नहीं पा रही है। जल्द ही सरकार की भी समझ में आ जायेगा कि यह कानून किसानों के लिए नुकसान देह और और फिर वह कानून भी वापस लेगी। इसलिए किसान हिम्मत न हारें और धरने पर डटे रहे। किसानों के कुछ महीने आंदोलन करने से एक फसल ही नष्ट होगी और अगर यह कृषि कानून लागू हो गए तो यह देश के किसानों का भविष्य ही चौपट कर देंगे। इसलिए किसानों को हिम्मत नहीं हारना है और जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान मोहम्मद तालिब, इरफान हसन, अमीर अहमद, सलामत, विनोद यादव, रामगोपाल, हरपाल प्रधान, हाजी अकरम, मुजफ्फर अली, तौकीर अहमद, गुरदीप सिंह, शाकिर अली, छिद्दा नेता, शफीक अहमद, जलीस अहमद, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद आदि मौजूद रहे।
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