उलमा मुसलमानों के मसाइल को लेकर सड़क पर उतरेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में इसका एलान किया गया। उलमा सीरिया और म्यांमार में मुसलमानों पर हो रहे हमलों का विरोध करेंगे। उलमा का कहना था कि मुल्क के भी हालात बद से बदतर हो रहे हैं।
शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली ने सुल्तान सैफी के कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि दुनिया में मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है। सीरिया में वहां की इस्लाम विरोधी तानाशाही सरकार को बनाए रखने के लिए बमबारी की जा रही है। बेगुनाह मुसलमानों का कत्ल किया जा रहा है। शहर इमाम ने कहा कि म्यांमार में भी वहां फौजें मुसलमानों पर जुल्म के पहाड़ तोड़ रहे हैं। बच्चों का कत्ल किया जा रहा है। औरतों के साथ बर्बरता की जा रही है।
कहा कि आतंकवाद के इल्जाम में पकड़े जाने वाले लोगों को फर्जी एनकाउंटर में मारा जा रहा है। पूरे मुल्क में मुसलमान आतंक और भय के साये में जी रहे हैं। शहर इमाम ने कहा कि इन मसाइल को लेकर 28 दिसंबर को ईदगाह से कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। डीएम के जरिये प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। उसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर जुल्म को रोकने की मांग की जाएगी। इस मौके पर आल इंडिया मुस्लिम रिजर्वेशन फ्रंट के राष्ट्रीय महासचिव असलम हसन खां, सुल्ताम अहमद सैफी, मौलाना अनीसउर्रहमान, नोमान गाजी मौजूद थे।