जुमे की नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद के बाहर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान गुस्ताखी करने वाले हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को कड़ी सजा देने की मांग की। साथ ही उनका पुतला फूंककर आक्रोश जताया।
जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद बाहर आकर मुस्लिमों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उनका कहना था कि कमलेश तिवारी अपने बयान से माहौल को खराब करना चाह रहे हैं। उन्हें इसके लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इसके बाद मुस्लिमों ने पुतला फूंका।
इस दौरान शहर इमाम मोहम्मद उसमान मिस्वाही ने कहा कि अगर कोई किसी मजहब की बेहुरमती करता है तो उसे हकुमतें हिंद की दफा के तहत सजा दी जानी चाहिए। मोहम्मद उसमान मिस्वाही, मोलाना मोहम्मद यूनुस कासमी, मोलाना असलम, मुफ्ती वकार यूनुस, मोलाना अब्दुल रउफ, मौलवी हस्सान, कारी असगर अली, मोलाना फिराज रहे।
वहीं, स्वार के गांव नरपतनगर में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ आक्रोश जताते हुए पुतला फूंका और प्रदेश सरकार से उसके खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा कायम कराकर फांसी की सजा देने की मांग की।
पुतला फूंकने वालों कारी मेहबूब अहमद, हाफिज मोहम्मद आरिफ, अजमल खान, मुस्तफा, नवेद आलम, फिरासत, सराफत, शाने आलम, बाबर खां, हामिद आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। शाहबाद में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने कमलेश तिवारी का पुतला फूंका।