भारत के लिए पाकिस्तान इतनी बढ़ी चुनौती नहीं है, जितनी बढ़ी चुनौती चीन है। पाकिस्तान को बढ़ावा देकर चीन, भारत की मुश्किलों को बढ़ा रहा है। पाकिस्तान को भारत लगातार करारा जवाब दे रहा है। कुछ लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं, जो गलत है। सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूत पेश करना देश हित में नहीं है।
यह बात रक्षा मामलों के विशेषज्ञ एवं किंग्स कॉलेज लंदन में रक्षा अध्ययन विभाग और भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर डा. हर्ष वी पंत ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष से ज्यादा कोई उम्मीद भारत को नहीं रखना चाहिए।
पंत शनिवार को रामपुर में थे। वह यहां एक परिचित के यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने भारत पाकिस्तान के संबंधों के बारे में साफ कहा कि भारत पाकिस्तान के बीच मधुर संबंध हो इसके लिए भारत की ओर से हर कोशिश हो रही है, लेकिन पाकिस्तान इस रिश्ते को मधुर बनाने का इच्छुक नहीं है। पाकिस्तान लगातार अपनी सीमाओं को लांघ रहा है। इसको रोकने के लिए भारत मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। पाकिस्तानी आतंकियों ने अपनी रणनीति को बदला है। आतंकी अब सीधे तौर पर सेना और पुलिस पर हमले कर रहे हैं। भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे दिया है। इसके बाद से सेना के हौसले बुलंद हैं। लगातार सेना पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही है।
पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष से वाजवा से भी भारत को ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए। दरअसल पाकिस्तान के पीछे चीन खड़ा है जो कि पाकिस्तान को ढाल बना रहा है। भारत के लिए पाकिस्तान इतनी बढ़ी चुनौती नहीं है, जितनी बढ़ी चुनौती चीन है। उनका मानना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरह राजनीति की गई वह पूरी तरह गलत है। सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कुछ राजनीतिक दलों की ओर से सुबूत पेश करने की बात कही थी। कहा कि देशहित में सर्जिकल स्ट्राइक के सुबूतों को साझा करना उचित नहीं होगा।
उनका मानना है कि भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात तो हो सकते हैं लेकिन परमाणु शक्ति से लैस होने के बाद भी युद्ध की संभावना कम ही है क्योंकि परमाणु हमलों के खतरों से हर कोई वाकिफ है।