रामपुर। जिले में 3520 किसान पूर्ति विभाग की जांच की जद में आ गए हैं। ये वे किसान हैं, जिन्होंने सरकार क्रय केंद्रों पर तीन लाख रुपये या उससे अधिक का गेहूं और धान बेचा है और सरकारी राशन की दुकान से मुफ्त का राशन भी लिया है। शासन स्तर से सूची जारी होने के बाद पूर्ति विभाग किसानों के सत्यापन में जुट गया है। यदि जांच में किसान दोषी पाए जाते हैं, तो उनके राशन कार्ड निरस्त हो सकते हैं।
पूर्ति विभाग की ओर से हर माह करीब चार लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को राशन का वितरण किया जाता है। इनमें अंत्योदय और पात्र गृहस्थी दोनों राशन कार्ड धारक हैं। कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इन कार्ड धारकों को नि:शुल्क राशन का वितरण किया गया था। हाल ही में शासन को जानकारी मिली कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे तमाम किसान हैं, जिन्होंने सरकार को तीन लाख रुपये अधिक का गेहूं या धान बेचा है। इसमें रामपुर के 3520 किसान शामिल हैं, जो अपना अनाज सरकार को बेच रहे हैं, जबकि सरकार से मुफ्त का अनाज ले रहे हैं। बैंकों से लिंक आधार कार्ड के जरिए यह खुलासा हुआ है। शासन ने कार्ड धारकों की सूची जारी करते हुए पूर्ति विभाग को जांच के आदेश दे दिए, जिसके बाद पूर्ति विभाग की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। अफसरों की मानें तो पहले इन किसानों और कार्ड धारकों का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में यदि ये लोग दोषी मिलते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही साथ राशन कार्ड निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।