रामपुर। अब प्राइमरी स्कूलों के बच्चे खेल-खेल पढ़ना लिखना सीखेंगे। इसके लिए परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बुनियादी शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए अन्वेषण विधियों पर और जोर दिया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर कक्षा एक व दो के बच्चों को अब खेल-खेल में भाषा और अंकों का ज्ञान कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिसके माध्यम से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
एक सितंबर से प्राथमिक विद्यालयों को खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले पाठ्यक्रम के आधार पर बच्चों के लिए स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम शुरू किया गया है। निपुण भारत मिशन व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों को इस प्रकार से तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें आगे चलकर किसी कक्षा में परेशानी न हो। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने रूपरेखा तैयार कर ली है। योजना के तहत कक्षा एक के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।प्रत्येक न्याय पंचायत में भाषा या गणित के एक संकुल शिक्षक का चयन होगा। जिन्हें एसआरजी तथा डायट प्रवक्ता द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। संकुल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को प्रशिक्षित करेंगे, जो कक्षा एक व दो के बच्चों को पढ़ाने में रुचि रखते हैं। ये शिक्षक विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण विधियों जैसे आओ करके सीखें, खेल-खेल में शिक्षा, अन्वेषण विधियां (शैक्षिक नवाचार) के माध्यम से बच्चों को ज्ञान देंगे। जिसका अनुश्रवण भी एआरपी द्वारा किया जाएगा।