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आंधी और बारिश के चलते रातभर चौपट रही जिलेभर की विद्युतापूर्ति

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आंधी और बारिश से जिले में बिजली आपूर्ति रही बाधित
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ग्रामीण क्षेत्र में रातभर नहीं आई बिजली, गर्मी से रहे व्याकुल
मसवासी/स्वार/शाहबाद/टांडा/बिलासपुर/दढ़ियाल/मिलक/सैफनी/केमरी/ रामपुर। आंधी और बारिश जिलेभर की बिजली व्यवस्था पर आफत बनकर टूटी है। एचटी लाइनों में ब्रेक डाउन होने, विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने और पोल टूटने से अधिकांश जिले की बिजली रातभर बाधित रही। रामपुर शहर की आपूर्ति रात एक बजे सामान्य हो पाई।
रामपुर शहर के अलावा जिले के अधिकांश बिजलीघरों की आपूर्ति दोपहर दो बजे तक दुरुस्त हो पाई। जबकि, गोदी और बेगमाबाद बिजलीघरों आपूर्ति 24 घंटे बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाई है। बुधवार शाम आई आंधी के कारण सुरक्षा की दृष्टि से पहले ही जिलेभर की बिजली बंद कर दी गई थी। करीब डेढ़ घंटे बाद जब आंधी रुकी तो आपूर्ति चालू की गई।
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कहां कैसे रहे हालात
-रामपुर शहर के आंबेडकर पार्क, सिटी मेंस, डूेंगरपुुर, थाना गंज बिजलीघरों को आ रही एचटी लाइन में ब्रेक डाउन होने के कारण रात एक बजे बिजली चालू हो सकी। जबकि, बिलासपुर गेट, पहाड़ी गेट, अजीतपुर, रजा इंटर कॉलेज बिजलीघरों की आपूर्ति रात 11 बजे के बाद चालू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन, रामपुर शहर के अलावा जिलेभर के अधिकांश बिजलीघरों की आपूर्ति रातभर ठप रही। जिससे लोग भीषण गर्मी से परेशान हो गए। किसान फसलों की सिंचाईं नहीं कर पाए।
बिलासपुर नगर में सात तो देहात में 18 घंटे ठप रही आपूर्ति
बिलासपुर नगर में बुधवार शाम छह बजे से रात एक बजे तक करीब सात घंटे बिजली ठप रही। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के सभी नौ विद्युत उपकेंद्रों में शाम 6 बजे से गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे तक करीब 18 घंटे बिजली व्यवस्था ठप रही। केमरी नगर में भी विद्युत आपूर्ति शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक तक करीब आठ घंटे बिजली ठप रही। गुरुवार को लाइनें दुरुस्त करने का कार्य पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते लघु उद्योग धंधे व पेयजलापूर्ति पूरी तरह से ठप है। आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
शाहबाद में करीब 18 घंटे बिजली रही ठप
बुधवार शाम को तेज आंधी के कारण मधुकर विद्युत उपखंड के अंतर्गत आने वाले 30 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। जिससे बुधवार शाम छह बजे से गुरुवार की दोपहर 2.30 बजे तक करीब 18 घंटे बिजली ठप रही। आंधी के आने से विद्युत पोल और तारों पर पेड़ व टहनियां गिर गए है।
टांडा नगर में तीन घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में नौ घंटे बाद हुई आपूर्ति
टांडा नगर में बुधवार शाम पांच बजे से आठ बजे तक करीब तीन घंटे आपूर्ति ठप रही। जबकि, ग्रामीण क्षेत्रों में शाम साढ़े पांच बजे से गुरुवार सुबह 4 बजे तक करीब 9 घंटे तक बिजली गुल रही। आधा दर्जन गांवों की बिजली अभी भी बाधित है। आम की फसल को नुकसान हुआ है। आधा दर्जन गांवों की बिजली गुरुवार शाम तक ठप थी।
स्वार में 24 घंटे से तमाम गांवों में बिजली है गुल
स्वार के 200 गांव व मजरों में 24 घंटे बिजली ठप रही। ब्रेक डाउन तलाशने के लिए पूरी रात कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग की। इसके चलते नगर समेत क्षेत्र के दो सौ से अधिक गांवों में अंधेरा है। गुरुवार को शाम तक बिजली चालू नहीं हो पाई है।
सैदनगर में 18 घंटे गुल रही बिजली
सैदनगर क्षेत्र में बुधवार शाम छह बजे आपूर्ति ठप हुई थी। जो गुरुवार दोपहर दो बजे चालू हो पाई। आंधी से कई जगहों पर पेड़ गिर गए हैं।
दढ़ियाल के ग्रामीण क्षेत्र में 15 घंटे आपूर्ति बाधित
बारिश ने बिजलीघर के पांचों फीडरों से जुड़े सभी गांवों की आपूर्ति ठप कर दी। बारिश रुकने के बाद पांचों फीडरों को दोबारा चालू किया गया। जिससे करीब तीन घंटे बिजली ठप रही। लेकिन मुवाना, लोदीपुर नायक, अकबराबाद, घोसीपुरा, महुआखेड़ा समेत करीब आधा दर्जन गांवों में लोकर फाल्ट से रात भर आपूर्ति ठप रही। गुरुवार सुबह फाल्ट दूर कर आपूर्ति बहाल की गई। बिजली गायब रहने के दौरान ग्रामीणों को अंधेरे और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।
मसवासी में 18 घंटे चौपट रही बिजली
मसवासी में बुधवार शाम छह बजे गई बिजली गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे चालू हुई। इस दौरान नगर समेत क्षेत्र के 32 गांव अंधेरे में डूबे रहे। जबकि, मिलक खानम में आपूर्ति गुरुवार शाम तक भी सुचारू नहीं हो पाई है। केमरी नगर में बुधवार की शाम छह बजे से रात दो बजे तक करीब आठ घंटे विद्युत आपूर्ति ठप रही।
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आंधी के कारण जिलेभर की लाइनों में ब्रेेक डाउन हुआ है। गुरुवार दोपहर तक जिलेभर की आपूर्ति सामान्य कर दी गई। बेगमाबाद और गोदी बिजलीघरों को जा रही एचटी लाइनों के टूटे पोल की जगह दूसरे पोल लगाए जा रहे हैं। शाम तक यहां भी विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी। आंधी से विद्युत विभाग को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
राजीव गर्ग, अधीक्षण अभियंता रामपुर।
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