रामपुर। सनातन धर्म पर विवादित बयान देने के मामले में आरोपी तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक सरकार में गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना संबंधित राज्यों के पुलिस मुख्यालयों को स्थानांतरित करने के मामले में कोर्ट ने एडीजी बरेली, डीआईजी मुरादाबाद, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और विवेचना अधिकारी को नोटिस जारी कर तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की गई है।
शहर के दो अधिवक्ताओं राम सिंह लोधी और हर्ष गुप्ता ने तीन साल पहले एसपी से शिकायत की थी। दोनों अधिवक्ताओं का कहना था कि चार सितंबर 2023 को उदयनिधि स्टालिन का भाषण अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। इसमें उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया व कोरोना से की थी। यह जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किया गया।
अधिवक्ताओं की शिकायत पर दोनों मंत्रियों के खिलाफ पांच सितंबर 2023 को सिविल लाइंस कोतवाली में धारा 153ए व 295ए आईपीसी के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मुकदमे की जांच कोर्ट की निगरानी में की जा रही थी। बावजूद इसके पुलिस अधिकारियों ने विवेचना संबंधित राज्यों के मुख्यालयों को स्थानांतरित कर दी। इसकी जानकारी शिकायतकर्ताओं को नहीं दी गई।
शिकायतकर्ताओं ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में प्रार्थना पत्र देकर इस पर सवाल उठाए। कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया था और निचली अदालत से रिकॉर्ड तलब किए थे। बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई थी। अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। न्यायालय ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले में 28 सितंबर को सुनवाई होगी। संवाद