रियासत, राजे-रजवाड़े का दौर भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन उस दौर की कला, संस्कृति व तहजीब को जीवंत रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए रॉयल फेबल्स ने बीड़ा उठाया है। रॉयल फेबल्स की ओर से दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में रियासत के दौर की कला व संस्कृति प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में देश की 32 रियासतों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इसमें रामपुर रियासत का प्रतिनिधित्व नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने किया। उन्होंने रामपुरी अचकन पहन कर रैंप पर कैटवाक किया। नवेद मियां वर्तमान में स्वार-टांडा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नवेद मध्य प्रदेश के झाबुआ स्टेट की राजकुमारी विजया सिंह व पटियाला स्टेट की रानी विनीता सिंह के साथ रैंप पर उतरे।
इस दौरान वे रामपुर में तैयार अचकन पहनकर राजकुमारी विजया सिंह झाबुआ की साड़ी में व पटियाला की रानी वहां की परंपरागत फुलकारी वाली सलवार सूट में रैंप पर उतरे । नवेद मियां ने बताया कि इसका उद्देश्य गंगा-जमुनी तहजीब को प्रदर्शित करना था।
मेरे साथ विजया सिंह हिंदू रियासत का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, जबकि रानी विनीता सिंह एक सिख रियासत का नेतृत्व कर रहीं थीं। उन्होंने जो अचकन पहन रखी थी, वह रामपुर में तैयार की गई थी। बताया कि यह सिर्फ अपनी रिसायत की पहचान बनाए रखना और उसके बारे में दूसरों को भी जानकारी देना है।
रॉयल फेबल्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्टाल भी लगाए थे, प्रदर्शनी भी लगी थी। विभिन्न रिसायतों की कला व संस्कृति से संबंधित उत्पादों की बिक्री भी हुई। नवेद ने बताया कि इस तरह का एक और आयोजन मुंबई में 7 से 9 दिसंबर तक होगा।