रामपुर। प्रसव के बाद महिला को डिस्चार्ज करने को लेकर तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान तीमारदारों को जमकर पीटा गया। घटना के दस दिन बाद पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने निजी अस्पताल के डॉक्टर व अस्पताल के सात आठ कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के फैजुल्लानगर निवासी इमरान अहमद की ओर से शहर कोतवाली में तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। उसने अपनी बेटी को प्रसव के लिए 29 अक्तूबर को शहर के मोहल्ला घोसियान स्थित यूपी-22 हास्पिटल में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद उनका आपरेशन कराया गया। आपरेशन के बाद बेटी को डिस्चार्ज कराने के लिए उन्होंने 12500 रुपये भी जमा किए थे। डिस्चार्ज कराने को लेकर अस्पताल कर्मियों का उनसे विवाद हो गया।
इस दौरान डॉक्टर नाजिम से कहासुनी हो गई। इसके बाद डॉक्टर ने अपने सात आठ लोगों को बुलवा लिया और फिर उन सबको बंधकर बनाकर पीटा गया। यह घटना 31 अक्तूबर की है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। आरोप है कि इस दौरान तीमारदारों के साथ मारपीट की गई। मामले की शिकायत उस वक्त पुलिस से की गई थी,लेकिन उस वक्त कार्रवाई नहीं की गई। अब इस मामले में डॉक्टर नाजिम व उसके साथ सात आठ अज्ञात साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। शहर कोतवाल ओमकार सिंह ने बताया कि इस मामले में डॉक्टर व सात आठ अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। संवाद