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ओपीडी सेवाएं हुई बंद, इमरजेंसी में देखे गए मरीज

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मिलक/टांडा/शाहबाद/स्वार/मिलकखानम/रामपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। सिर्फ इमरजेंसी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं ही दी जा रही हैं। इस आदेश के बाद शनिवार को कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज इसकी जानकारी न होने के कारण पहुंच गए थे, जिस कारण कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी हुई। सोमवार को इस बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी हो गई। जिस कारण सोमवार को ओपीडी के लिए मरीज कम पहुंचे। जो भी मरीज ओपीडी सेवा के लिए अस्पतालों में पहुंचे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा या गुहार लगाकर इमरजेंसी में दिखाना पड़ा। जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी-सीचएसी तक पर भी सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीज देखे गए और ओपीडी बंद रखी गई। जिस कारण जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की लंबी कतार लग गई।
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जिला अस्पताल में इमरजेंसी में आए 40 मरीज
ओपीडी सेवा बंद होने के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दोपहर तक 40 मरीजों को देखा गया। सोमवार को ओपीडी पंजीकरण कक्ष बंद रहा और उसके सामने मरीजों की कतार नजर नहीं आई। इमरजेंसी रूम के बाहर मरीजों की कतार दिखाई दी। प्रवेश द्वार से ही एक-एक मरीज करके ही अंदर आने दिया जा रहा था।
मिलक में इमरजेंसी में देखे गए 30 मरीज
मिलक। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को ओपीडी बंद पूर्ण रूप से बंद रही। इस दौरान इमरजेंसी में मरीजों को देखा गया। सीएचसी पर इमरजेंसी ड्यूटी रूम में 30 मरीजों को देखा गया। जबकि सामान्य दिनों में करीब चार सौ मरीज ओपीडी सेवा के लिए पहुंचते थे। नगर में सीएचसी पर ओपीडी बंद होने के कारण मरीज बाहर से लौट गए। सीएचसी पर 10 लोगों को इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गईं। 20 महिलाओं को महिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं दी गईं।
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टांडा में भी ओपीडी बंद रहने से मरीज हुए परेशान
टांडा। नगर के स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण दैनिक रोगियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीजों को चिकित्सकों ने इमरजेंसी रूम में ही परामर्श के लिए बुला लिया।
नगर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सामान्य दिनों में इमरजेंसी में दिनभर में केवल 8-10 मरीज ही आते थे। ओपीडी बंद होने के कारण चिकित्सालय आए मरीजों की दिक्कत को देखते हुए डॉक्टरों ने करीब 30 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया। चिकित्साधीक्षक डॉ. चंदेल ने बताया कि ओपीडी बंद होने के चलते केवल इमरजेंसी के मरीज ही देख रहे हैं।
स्वार में ओपीडी बंद रहने से मरीज परेशान
स्वार। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी सेवा पूर्ण रूप से बंद रही। सिर्फ पुराने मरीजों को ही दवा का वितरण किया गया। नए मरीजों के लिए ओपीडी पर्चा नहीं बनाया गया। इमरजेंसी में आए मरीजों का उपचार कर दवाओं का वितरण किया गया।
सिर्फ इमरजेंसी में मरीज देखे जाने के कारण कई मरीजों को परेशान होना पड़ा। कई मरीज ऐसे में निजी चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर रहे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. अजीम ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में लगभग 35 मरीजों को देखा जा चुका है।
मिलकखानम में देखे गए पांच मरीज
मिलकखानम। मिलकखानम पीएचसी पर भी सोमवार को ओपीडी सेवा पूर्ण रूप से बंद रही। इस दौरान इमरजेंसी में पांच रोगियों को देखा गया। डॉक्टर सतीश कुमार ने बताया कि ओपीडी बंद होने के कारण मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है।
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