बिलासपुर(रामपुर)। क्षेत्र में 37 धान क्रय केंद्रों पर दो माह में लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 30 प्रतिशत (तीन लाख क्विंटल) धान की खरीद हो सकी है। केंद्रों से धान का उठान तेजी से न हो पाने की वजह से धान खरीद धीमी गति से हो रही है। किसानों ने केंद्र प्रभारियों पर धान खरीद धीमी गति से करने का भी आरोप लगाया है, जबकि मंडी समिति के सचिव सोमेंद्र कौशिक ने बताया कि कुछ राईस मिलों में एफआरके चावल खत्म हो गया है, जिसकी वजह से केंद्रों से धान का उठान धीमी गति से हो पा रहा है।
प्रशासन ने नगर व क्षेत्र में धान की खरीद करने के लिए 37 केंद्र स्थापित किए हैं, जिसमें 21 केंद्र नगर की नवीन मंडी में हैं। एक अक्तूबर से इन सभी धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हुई है। प्रशासन ने सभी केंद्र प्रभारियों को करीब 10 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी केंद्रों पर खरीदे गए धान के ढेर लगे होने की वजह से अन्य किसानों का धान केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहा था।
किसान लगातार केंद्र प्रभारियों पर धान न तौलने के आरोप लगा रहे हैं। जिले के अधिकारी भी लगातार केंद्र प्रभारियों पर किसानों का धान खरीदने के आदेश देते नजर आ रहे हैं। वर्तमान में भी सभी धन क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान के ढेर लगे हुए हैं। किसान आज भी अपना धान क्रय केंद्रों पर लेकर न पहुंचने की बात कह रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारी लगातार किसानों का धान तौले जाने का दावा कर रहे हैं। भाकियू टिकैत जिला प्रवक्ता निरपजीत सिंह व भाकियू भानु जिलाध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी केंद्र प्रभारियों पर व्यापारियों का धान खरीदने के दावे कर रहे हैं।
मंडी समिति सचिव ने बताया कि सभी केंद्रों को करीब 10 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष में अब तक दो माह में करीब तीन लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जो लक्ष्य की अपेक्षा 30 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि सभी केंद्र प्रभारी अपने लक्ष्य को पूरा करने के प्रयास कर रहे हैं।
धान का उठान करने वाली कुछ राइस मिलों में एफआरके चावल खत्म होने की समस्या आ रही है, जिसकी वजह से धान का उठान धीमी गति से हो रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित राइस मिलों को एफआरके चावल पर्याप्त मात्रा में मिलने पर धान उठान तेजी के साथ शुरू हो जाएगा और किसानों का अवशेष धान भी तेजी के साथ तौलकर लक्ष्य पूरा किया जाएगा।