रामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस बार आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की निगरानी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में उपस्थिति की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही, जिन बच्चों को किसी कारणवश प्रवेश नहीं मिल सका, उनके नाम, संख्या और कारणों की भी समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश कराया जाता है। इसके लिए निजी स्कूलों में आरटीई के तहत गरीब बच्चों की 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं। गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में आरटीई के तहत दाखिला तो मिल जाता था, लेकिन उनकी आगे की मॉनीटरिंग नहीं होती थी।
अब हर बच्चे का डाटा ऑनलाइन दर्ज रहेगा, ताकि यह पता चल सके कि किस बच्चे ने स्कूल ज्वाइन किया और किसने नहीं। प्रवेश न लेने वाले बच्चों के मामले में शिक्षा अधिकारियों और निजी स्कूलों की जवाबदेही तय की जाएगी। दिसंबर माह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आरटीई के आवेदन वेबसाइट पर लिए जाएंगे। अब शिक्षा विभाग इन सभी मामलों पर बारीकी से नजर रखेगा ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
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आरटीई के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की पढ़ाई और स्कूल में उपस्थिति की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। ऑनलाइन ट्रैकिंग का नियम पहली बार लागू किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
- सुनील कुमार श्रीवास्तव, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता