शाहबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में रविवार को मतगणना के दौरान हार और जीत का फैसला हुआ। इस दौरान मतों की गिनती के साथ कई हार-जीत का अंतर काफी कम रहने के कारण प्रत्याशियों और समर्थकों की सांसें अटकी रहीं। ऐसी ही एक जीत मियागंज ग्राम पंचायत की मतगणना के दौरान रही। जहां पर विजयी हुईं शाहजहां ने एक वोट से जीत दर्ज की। अन्य कई ग्राम पंचायतों में हार-जीत का अंतर काफी कम रहा।
रविवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे आए। क्षेत्र के प्रधान पद के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला दिन भर चलता रहा। एक फैसला ऐसा आया जिसने प्रत्याशी की सांसे रोक दी। एक वोट की कीमत प्रत्याशी को समझ आ गई। शाहबाद तहसील क्षेत्र के मिया गंज गांव निवासी शाहजहां प्रधान पद पर प्रत्याशी थी। इनकी सीधी टक्कर हरवती से थी। दोनों महिलाएं अपने अपने जीत के दावे कर रही थी। मतगणना के दौरान जब मियागंज का फैसला आया तब सब दंग रह गए। इस प्रधानी नतीजे में शाहजहां को 240 वोट मिले जबकि दूसरे प्रत्याशी हरवती को 239 वोट मिले। इस एक वोट की कीमत मतगणना में खड़े कई एजेंट और प्रत्याशियों को समझ आ गई। इतनी नजदीकी से हार जीत ने हारे हुए प्रत्याशी की सांसे रोक दी। लेकिन कोई हंगामा नहीं हुआ, न ही पुन: मतगणना की मांग नही की गई। लालवारा में भी हाजी अकील को 561 वोट मिले और दूसरे प्रत्याशी सलीम को 551 वोट मिले। यहां भी हार-जीत का अंतर दस वोट का रहा।
हाजी जमील ने एक वोट से दर्ज की जीत
बिलासपुर। क्षेत्र के मिर्जापुर ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के पद पर मात्र एक वोट से हार-जीत का निर्णय हुआ। यहां पर एक वोट से हाजी जमील अहमद ने जीत दर्ज की। हाजी जमील अहमद तीसरी बार ग्राम प्रधान चुुने गए हैं तो दो बार उनकी पत्नी पत्नी जायदा बेगम प्रधान रह चुकी हैं। रविवार को हुई मतगणना के दौरान मिर्जापुर गांव के प्रधान पद के लिए हार-जीत की स्थिति लगातार बदलती रही और कांटे के मुकाबले में हाजी जमील अहमद ने एक वोट से जीत दर्ज की।