सपा सांसद आजम खां के खिलाफ यतीमखाना प्रकरण में दर्ज चार मामलों में डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। आजम के अधिवक्ता ने इस पर प्रति आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है।
वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि सपा सांसद आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी, बकरी चोरी जैसे आरोप भी रिपोर्ट में शामिल हैं। इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
इस मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल कोर्ट) में चल रही है, जिसमें पूर्व में आजम खां के अधिवक्ता की ओर से सपा सांसद आजम खां पर लगे आरोपों को लेकर डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। इस पर मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दाखिल की। इसके बाद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से प्रति आपत्ति के लिए समय की मांग की गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि अब कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी।