रामपुर। कोरोनारोधी टीकाकरण में सहयोग न करना चार ग्राम प्रधानों के लिए भारी साबित हो सकता है। जिलाधिकारी के नाराजगी जताने के बाद अब जिला पंचायत राज अधिकारी ने चारों ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस का जवाब संतोषजनक न देने पर संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान को हटाया जा सकता है।
कोरोना संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहली और दूसरी लहर में तमाम लोगों की जान जाने के बाद अब कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर आशंका तेज हो गई है। जिले में तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया गया है।
इसके लिए ग्रामीण इलाकों में ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन कुछ ग्राम प्रधान अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इनमें नगलिया काशमगंज का मझरा कुआंखेड़ा की प्रधान शमा परवीन, ग्राम पंचायत प्रानपुर की प्रधान बाजिदा बेगम, ग्राम पंचायत मडैयान बुद्धपुर हरपाल सिंह व ग्राम पंचायत शहजादनगर की प्रधान आयशा बेगम शामिल हैं।
चारों ग्राम प्रधानों के टीकाकरण में सहयोग न करने पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने नाराजगी जताई। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने चारों ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। डीपीआरओ ने बताया कि यदि चारों ग्राम प्रधानों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो दोषी ग्राम प्रधानों को प्रधान पद से हटाया भी जा सकता है।