रविवार का दिन पब्लिक के लिए भारी रहा। बैंकों पर ताले लटके हुए थे और एटीएम भी चालू नही थे। खाली हो चुकी जेबों में घर का खर्च चलाने के लिए लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक लोग दौड़ लगा रहे थे,लेकिन कहीं भी राहत नहीं मिल रही थी। लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। वहीं शहर के कुछ निजी डिपार्टमेंटल स्टोर में प्लास्टिक मनी से जमकर खरीदारी की गई।
नोटबंदी के बाद हर वर्ग पर इसका बुरा असर देखा जा रहा है। आम लोग इससे कुछ ज्यादा ही प्रभावित हुए हैं। नोटबंदी के 12 दिन गुजर चुके हैं। मगर, लोगों को राहत नहीं मिल रही है। बैकों पर हर रोज लगने वाली कतार कम होती नहीं दिख रही हैं। घोषणाएं तमाम हो चुकी हैं,लेकिन पब्लिक को कहीं भी राहत नहीं है,जिससे हालात लगातार नाजुक होते जा रहे हैं।
रविवार को छुट्टी का दिन था,लेकिन इस दिन भी राहत नहीं मिल पा रही थी। बैंकों में ताले ताले लटके हुए थे तो एटीएम भी चालू नहीं थे। जरूरत भर का खर्चा चलाने के लिए कैश की जरूरत पड़ रही थी,लेकिन कैश हाथ नहीं आ रहा था। लोग कभी इस एटीेएम पर तो कभी दूसरे एटीएम पर दौड़ लगा रहे थे। मगर, किसी भी एटीएम पर कोई कैश नहीं मिल पा रहा था। लोग भटक रहे थे,लेकिन सभी की हालत एक जैसी नजर आ रही थी। कोई एटीएम बंद था तो किसी का शटर खुला हुआ था लेकिन कैश नहीं था। एटीएम में कैश न होने से लोग भटकते हुए नजर आए,जिससे लोगों को खासी दिक्कत आती रही। लोगों की दिक्कत को कोई समझने की कोशिश नहीं कर रहा है।