रामपुर। जिले में अब खाद की किल्लत नहीं होगी। शुक्रवार को ही जिले में 3200 मीट्रिक टन खाद पहुंच गई है, जो सहकारी समितियों को देेना शुरू कर दिया गया है। एआर को-ऑपरेटिव की सख्ती के बाद यह खाद प्राइवेट दुकानों के स्थान पर सहकारी समितियों पर पहुंचना शुरू हो गई है। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी किसानों से आवश्यकता से अधिक खाद न लेने की अपील की है।
धान की रोपाई के बाद अब किसानों को फसल में खाद डालने की आवश्यकता पड़ रही है। किन्तु, जिले की अधिकांश सहकारी समितियों पर अचानक खाद की कमी हो गई। किसान खाद के लिए दर-दर भटकने लगे। मामले की जानकारी जब एआर को-ऑपरेटिव को हुई, तो उन्होंने प्राइवेट दुकानदारों को खाद की आपूर्ति पर रोक लगा दी। सिर्फ सहकारी समितियों और इफ्को के आधिकारिक केंद्रों पर ही खाद की आपूर्ति बहाल रखी है। वहीं, शुक्रवार को ही जिले में 3200 मीट्रिक टन खाद और आ गई। यह खाद सहकारी समितियों पर भेजनी शुरू कर दी है, जिससे समितियों पर भरपूर मात्रा में खाद की उपलब्धता हो सकेगी और किसानों को खाद के लिए इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा। एआर को-ऑपरेटिव हरेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में 3200 मीट्रिक टन खाद आ गई है। आगामी दिनों में भी खाद आने एवं समितियों पर भेजने का सिलसिला जारी रहेगा। अब खाद की किल्लत नहीं होगी। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। ऐसे में किसानों से अपील है कि वे सिर्फ उतना ही खाद समितियों से लें, जितने खाद की जरूरत है। अनावश्यक तरीके से खाद को स्टॉक न करें।