विधानसभा चुनाव में नौ ईवीएम खराब हुई थीं, जिसके बाद सैकड़ों वोट इस मशीन में फंस गए। जानकारों का कहना है कि यह ईवीएम अब मतगणना खत्म होने के बाद चेक की जाएंगी। प्रेक्षक की देखरेख और उनकी अनुमति के बाद इन मशीनों से वोटों की गिनती होगी। इसके लिए पहले प्रेक्षक की अनुमति लेनी होगी।
विधानसभा चुनाव में 1685 बूथों पर इतनी ही इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन लगाई गई थीं। साथ ही 15 फीसदी से ज्यादा ईवीएम रिजर्व में रखी गई थीं। मतदान शुरू होने से पहले जब ईवीएम की चेकिंग की गई तो उस टेस्टिंग में ही 31 ईवीएम धोखा दे गई थीं, जिसके बाद इनके स्थान पर दूसरी मशीनों को लगा दिया गया। मतदान वाले दिन जिले भर मेें जब पोलिंग शुरू हुई तो जगह-जगह से ईवीएम के खराब होने की सूचना मिलने लगी, जिस पर ईवीएम के तकनीकी जानकारों की टीमों ने शिकायतों के आधार पर दौड़ना शुरू कर दिया।
तमाम ईवीएम को दुरुस्त कर दिया गया, लेकिन नौ ईवीएम चालू नहीं हो सकी, लिहाजा इन मशीनों को बदलने का काम किया गया। दिन भर चली वोटिंग के दौरान कुल नौ ईवीएम ऐसी रहीं जो कि बदलनी पड़ी। इनके स्थान पर दूसरी ईवीएम को लगाकर वोटिंग करानी पड़ी। नौ ईवीएम में सैकड़ों वोट डाले जाने बताए जा रहे हैं। किस ईवीएम में कितने वोट डाले गए थे, इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को लगाया गया है। जानकारों का कहना है कि यह ईवीएम अब मतगणना खत्म होने के बाद चेक की जाएंगी। प्रेक्षक की देखरेख और उनकी अनुमति के बाद इन मशीनों से वोटों की गिनती होगी। इसके लिए पहले प्रेक्षक की अनुमति लेनी होगी।