नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) योजना के तहत सीएमओ कार्यालय की ओर से होने वाली 190 संविदा पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया तकनीकी त्रुटि के आधार पर निरस्त कर दी गई है। इन पदों के लिए साक्षात्कार भी पूरे कर लिए गए थे। डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण नियुक्ति प्रक्रिया रद्द की गई है। अब इन पदों के लिए दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। इसके लिए शासन से फिर अनुमति मांगी जाएगी।
रामपुर सीएमओ कार्यालय ने इसी साल फरवरी में एनएचएम के तहत संचालित कई कार्यक्रमों में 190 पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें रामपुर समेत आसपास के जिलों से भी करीब साढ़े चार हजार आवेदकों ने आवेदन किया था। पात्र आवेदकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। जिसमें 28, 29 और 30 मार्च को सीएमओ कार्यालय में साक्षात्कार के लिए गठित कमेटी ने इनके साक्षात्कार लिए।
संविदा नियुक्तियां सिर्फ 31 मार्च 2016 तक की अवधि तक होनी थी। संभावना थी अगले सत्र इनका रिन्यूवल कर दिया जाता। ऐसे में करीब साढ़े चार हजार आवेदकों का साक्षात्कार लेने में ही अफसरों के पसीने छूट गए। लगभग एक हजार साक्षात्कार हर रोज लिया गया। चयन करने और सूची बनाने के लिए एक दिन का वक्त बचा था। चयनित लोगों की सूची चस्पा नहीं हो पाई।
आवेदकों में भी तमाम शंकाएं होने लगीं। कई दिनों से सीएमओ कार्यालय में सूची देखने को भटक आवेदक मायूस होकर लौट रहे थे। मंगलवार को सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने नियुक्ति प्रक्रिया के निरस्त होने की पुष्टि की। जिलाधिकारी ने नियुक्ति प्रक्रिया पर कुछ आपत्तियां जताई थीं। सीएमओ ने बताया कि डीएम की आपत्ति के बाद नियुक्ति प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है।
एक ही दिन में सैकड़ों आवेदकों का साक्षात्कार को डीएम ने अव्यवहारिक बताया। नियुक्ति प्रक्रिया के लिए मंजूरी जिलाधिकारी से न लेकर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लेने की बात कही गई।