रामपुर। पीएचसी में प्रसव के दौरान नवजात का हाथ टूट गया। दस दिन तक नवजात के लगातार रोने से परेशान परिजन उसकी तकलीफ की वजह तलाशते रहे लेकिन जानकारी नहीं हुई। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल लेकर पहुंचे तो जांच में पता चला कि नवजात का हाथ टूटा हुआ है। इसके बाद परिजनों ने पीएचसी बिलासपुर में प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही पीड़ित ने सुविधा शुल्क लेने का भी आरोप लगाया है।
बिहार निवासी दीपक बिलासपुर में फार्म पर मजदूरी करते हैं। उन्होंने प्रसव के लिए पत्नी को पीएचसी बिलासपुर में भर्ती कराया था। दीपक का आरोप है कि प्रसव के दौरान नर्स ने बच्चे को जोर से खींचा। इसके बाद से नवजात की हालत ठीक नहीं रही। परिवार के मुताबिक, बच्चे को लगातार परेशानी थी लेकिन दर्द की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी। तीन दिन पहले बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच की तो हाथ की टूटी मिली।
पीड़ित का आरोप है कि प्रसव के नाम पर सरकारी अस्पताल में सुविधा शुल्क भी लिया गया। पीड़ित ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पीएचसी में प्रसव के दौरान नवजात का हाथ टूटने का मामला सामने आया है। जिसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. माणिक अग्रवाल, सीएचसी अधीक्षक, बिलासपुर