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ताऊ की हत्या के आरोप में भतीजा गिरफ्तार-

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रामपुर। शहजादनगर थाना क्षेत्र में 15 जनवरी की रात घर के बाहरी हिस्से में सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या सगे भतीजे ने ही की थी। गिरफ्तार किए गए हत्यारोपी भतीजे ने पुलिस को बताया है कि ताऊ आए दिन खेत के रास्ते से निकलने पर उनके परिजनों के साथ गाली गलौज और मारपीट करते थे। एक दिन उसकी मां, बहन और बहन के ससुर के साथ मारपीट कर दी थी, जिसपर उसने ताऊ की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार हत्यारोपी से हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा भी बरामद किया है। इस मामले में पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर भतीजे कुलदीप और उसकी बहन के ससुर गेंदनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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शहजादनगर थाना क्षेत्र के झुनइया गांव निवासी सोरन सिंह (58) खेती किसानी करते थे। सोरन सिंह अपने तीन बेटों के साथ गांव में ही बने घर में रहते थे। 15 जनवरी की रात वह करीब नौ बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर के हिस्से में बने एक बिना दरवाजे वाले कमरे में सोने चले गए थे। 16 जनवरी की सुबह करीब पांच बजे उनकी बेटी भूरी जब झाड़ू लगाने के लिए उनके कमरे में पहुंची, तो उनका शव देखकर उसकी चीख निकल पड़ी और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया था। अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जहां उन्होंने देखा कि सोरन सिंह का शव चारपाई पर पड़ा था। सोरन सिंह के कान के बराबर से गोली मारी गई थी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया था। पुलिस द्वारा सोरन सिंह के बेटे जगपाल की तहरीर के आधार पर भतीजे कुलदीप और उसकी बहन के ससुर गेंदनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने मामले की जांच की और रविवार को किसान सोरन सिंह की हत्या के आरोप में उसके सगे भतीजे कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है।
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हत्यारोपी की मां रह चुकी गांव प्रधान, काम देखता था ताऊ
रामपुर। शहजादनगर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार मलिक ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में हत्यारोपी कुलदीप ने बताया कि सोरन सिंह उसके सगे ताऊ थे। 2015 के पंचायत चुनाव में उसकी मां सावित्री देवी प्रधान बनी थीं। उस समय वह छोटा था। 19 दिसंबर 2017 में सड़क दुर्घटना में उसके पिता पान सिंह की मौत हो गई थी। उसकी मां अनपढ़ थी, इसलिए गांव प्रधानी का सारा काम बडे़ होने के नाते उसके ताऊ सोरन सिंह को सौंपा गया था। सोरन सिंह ने लाभ उठाने के लिए प्रधानी के उल्टे सीधे काम किए थे। जब उसकी मां को इसकी जानकारी हुई, तो सोरन सिंह को प्रधानी के काम करने से मना कर दिया था। इससे सोरन सिंह और उनके परिवार वाले नाराज रहते थे। हत्यारोपी ने यह भी बताया कि सोरन सिंह ने बंटवारे में खेत पहले ले लिया था, जिस कारण उसके खेत पर जाने का रास्ता सोरन सिंह के खेत से ही है। उसके ताऊ सोरन सिंह खेत से निकलने को लेकर आए दिन गाली गलौज और मारपीट करते थे। एक दिन सोरन सिंह ने उसकी मां, बहन और बहन के ससुर गेंदनलाल के साथ मारपीट की थी, जिसपर भतीजे ने बदला लेने के लिए गोली मारकर अपने ताऊ सोरन सिंह की हत्या कर दी थी।
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