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रामपुरः नवाब की बेशकीमती पेंटिंग्स भी हैं गायब, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही है संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया

Thu, 27 Aug 2020 03:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
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supreme court - फोटो : ANI
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रामपुर के सभी नवाब कला और संस्कृति प्रेमी थे। नवाबों के दरबार में अनेक कलाकार रहते थे। इसी वजह से रामपुर रियासत मुगलिया सल्तनत के पतन के बाद कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र रही थी। रामपुर के नवाबों ने विदेशी पेंटरों को खासतौर पर यहां बुलवाकर पेंटिंग्स बनवाई थीं। सैकड़ों की संख्या में ये पेंटिंग्स कोठी खासबाग के अलग-अलग हॉल में लगी थी।

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नवाब की संपत्ति के सर्वे के दौरान यह बात सामने आई है कि कई पेंटिंग्स गायब हैं और कई की जगह पर डमी पेंटिंग लगा दी गई हैं। नवाब की कुल पेंटिग्स की कीमत 23 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। इनमें से कुछ गायब हैं। 

रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही है। इसको लेकर नवाब की चल और अचल संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है। इससे पहले कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर्स अपनी रिपोर्ट भी सर्वे में शामिल कर चुके हैं। नवाब की चल संपत्ति का मूल्यांकन नोएडा की एक वैल्यूएशन कंपनी ने किया है।
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अलग-अलग पेंटिंग्स की कीमत को मिला दिया जाए तो इनकी कीमत नवाब चल संपत्ति में सबसे अधिक 23 करोड़ के आसपास बैठती है। पेंटिंग्स का मूल्यांकन करने वाली कंपनी ने ब्रिटिश पेंटर पीटर लेली और जॉन हैसल की नेट पर उपलब्ध पेंटिंग्स के आधार पर नवाब की पेंटिंग का मूल्य किया है।
 
रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां के पौत्र नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां का कहना हैं कि हमारे पूर्वजों ने अलग-अलग समय पर ये पेंटिंग्स बनवाई थी। पेंटिंग्स कोठी खासबाग के अलग-अलग हॉल में लगी हुई थीं, लेकिन कई पेंटिंग्स गायब हैं और कई की जगह पर डमी पेंटिंग लगाई गई हैं।

उनका कहना है कि इसका मिलान नवाब रजा अली की संपत्ति की सूची और सर्वे रिपोर्ट की सूची से किया जा सकता है। उनका कहना है कि हम कोर्ट में इस बात को रखेंगे। जो लोग कोठी खासबाग पर काबिज थे उनके हिस्से से गायब पेंटिंग्स की कीमत काटी जाए। नवेद मियां का कहना है कि नवाब का सिंहासन और पेंटिंग्स ही नहीं बल्कि अन्य कई बहुमूल्य वस्तुएं भी गायब हैं।

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सोने और निकेल के फ्रेम में बनाई गई हैं पेंटिंग्स 

रियासत काल में विदेशी कलाकारों ने जो पेंटिंग्स बनाईं हैं वो सोने और निकेल के फ्रेम में जड़ी हुई हैं। कई पेंटिंग्स की हालत अभी भी ठीक है। ये पेंटिंग्स ऑयल पेंट और वाटर कलर से बनाई गई हैं। 

चांदी के खटोले की कीमत डेढ़ लाख 
रामपुर के नवाब सोने-चांदी के बर्तन में खाना खाते थे और चांदी के पलंग पर सोते थे। नवाब की संपत्ति में चांदी के छह खटोले भी शामिल हैं। एक खटोले की कीमत डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। नवाब के खाना खाने की एक प्लेट की कीमत 15 हजार आंकी है। नवाब के पास रामपुर मोनोग्राम की 200 कटलरी और क्रॉकरी सेट था।

नवाब के हुक्के की कीमत साढ़े पांच लाख
नवाब रजा अली खां की चल संपत्ति में पांच चांदी के हुक्के भी शामिल हैं। मूल्यांकन करने वाली कंपनी ने एक हुक्के की कीमत साढ़े पांच लाख रुपये निर्धारित की है। इसी तरह से नवाब के एक पानदान की कीमत पौने दो लाख रुपये आंकी गई है। नवाब के पास 20 पानदान थे।
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