रामपुर। ब्रिटिश राज में भी रामपुर रियासत अंग्रेजों की गुलाम नहीं थी। फिर भी, यहां के नवाबों के ब्रिटिश हुक्मरानों से अच्छे संबंध रहे। अपने पुलिस-प्रशासन और अपनी मुद्रा के बल पर शासन करने वाले रामपुर के आखिरी शासक नवाब रजा अली खां को ब्रिटिश राज में कई सर्वोच्च सम्मान मिले थे।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि क्वीन विक्टोरिया ने भारतीय साम्राज्य के लिए दो सर्वोच्च सम्मान की उपाधियां स्थापित की थीं। इनमें 1861 में केसीएसआई और 1878 में जीसीआईई की शुरुआत हुई थी। यह उपाधियां भारत के शूरवीरों के लिए थीं। रामपुर के नवाब रजा अली खां को 1936 में केसीएसआई की उपाधि मिली। यह सम्मान ग्वालियर के महाराज श्रीमंत जयाजीराव सिंधिया, जम्मू कश्मीर के महाराजा रणवीर सिंह, निजाम हैदराबाद मीर उस्मान अली खां और मद्रास के गवर्नर लॉर्ड हैरिस को भी मिला था।
काशिफ खां ने बताया कि नवाब रजा अली खां को 1944 में जीसीआईई से सम्मानित किया गया था। यह उपाधि भारत की महत्वपूर्ण रियासतों के शासकों को दिया जाता था। नवाब रामपुर के अलावा गोल्डन के महाराजा भगवत सिंह, रतलाम के राजा रंजीत सिंह, दरभंगा के महाराजा सर लक्ष्मेशवर सिंह, बनारस के महाराजा प्रभु नारायण सिंह और नवाब सैयद शमसुल हुदा को भी इस सम्मान से नवाजा गया था।