ताशका की आराजी को लेकर नवेद मियां ने दायर किया वाद
- दायर किए वाद में 19 लोगों को बनाया है पक्षकार
- सभी को नोटिस जारी, 11 अक्तूबर को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की कोर्ट में पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां की ओर से 19 लोगों को पक्षकार बनाते हुए वाद दायर किया गया है। वादपत्र में कहा गया है कि रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के बेटे और उनके चाचा नवाबजादा सैयद आबिद अली खां की संपत्ति पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा और निर्माण कर लिया है, जिसे रोका जाए। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तारीख तय की है।
नवेद मियां ने मंगलवार को नूरमहल में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि यह वाद उन्होंने अपने अधिवक्ता मो. यासीन के माध्यम से दाखिल किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि ग्राम ताशका में स्थित आराजी गाटा संख्या 255 रकबा 12.8860 हेक्टेअर उनके चाचा मरहूम नवाबजादा सैयद आबिद अली खां उर्फ सलीम मियां की है। उनके वारिस विदेश में रहते हैं। इसलिए इस जमीन के प्रबंधन के लिए उन्हें मुखतारे खास (देखभाल की जिम्मेदारी) नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस आराजी पर कुछ लोगों ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए हुए आम के हरे पेड़ काटे हैं। आराजी को हड़पने की नीयत से बिना किसी मालिकाना हक के विभिन्न विक्रय पत्रों से विवादित आराजी को नुमाइशी रूप से आपस में ट्रांसफर कर लिया है और यह सिलसिला जारी है। आरोप लगाया है कि इन लोगों ने सक्षम न्यायालय के आदेश के बगैर ही इस आराजी को राजस्व अभिलेखों में भूमिधरी भूमि के रूप में परिवर्तित कर लिया है।
नवेद मियां ने बताया कि दाखिल किए गए वाद में उन्होंने मेवा सिंह, नारायण सिंह, जसवीर सिंह, परविंदर कौर, जुगराज सिंह, साहब सिंह, भगवान सिंह, शादाब आलम, शहाब आलम, शाह नदीम, मोहम्मद दानिश अख्तर, आरिफा मुराद, नदीमा रहमान, अजहर मियां, आसमा, मोहम्मद नासिर, बाबर खां, जकी खां और हुरमत खां को पक्षकार बनाया है।
नवेद मियां ने वाद के जरिये मांग की है कि स्थायी निषेधाज्ञा की डिक्री इस आशय से पारित की जाए कि यह लोग विवादित आराजी पर अवैध रूप से कब्जा या कोई निर्माण न कर सकें। इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 अक्तूबर की तारीख नियत की है।
00