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फ्रांस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ से नवाब काजिम अली खां की मुलाकात

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रामपुर। पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने फ्रांस में भारत के राजदूत जावेद अशरफ से मुलाकात की है। रविवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित दूतावास में हुई। इस मुलाकात में दोनों के बीच रामपुर रजा लाइब्रेरी, कला-संस्कृति और दोनों देशों के बेहतर रिश्तों पर बातचीत हुई है।
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पूर्व मंत्री नवेद मियां इन दिनों फ्रांस में हैं। भारतीय राजदूत जावेद अशरफ के आमंत्रण पर वह रविवार को सुबह पेरिस स्थित दूतावास पहुंचे, जहां उनका स्वागत भारतीय परंपरानुसार किया गया। पटना में जन्मे जावेद अशरफ सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली में नवेद मियां से एक वर्ष जूनियर थे। वे अनुभवी राजनयिक हैं। नवेद मियां ने बताया कि जावेद अशरफ सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त रहे हैं। 1991 में वह भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे। वह 1993 से लेकर 1999 तक फ्रैंकफर्ट और बर्लिन में स्थित भारतीय दूतावास में तैनात रहे। इसके बाद 1999 से लेकर 2004 तक उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अमेरिका डिवीजन में काम किया। फिर 2004 में उन्हें नेपाल का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था। यहां उन्होंने 2007 तक काम किया और अपनी सेवाएं दी थीं। 2007 से लेकर 2010 तक जावेद अशरफ ने वाशिंगटन डीसी में राजनीतिक मामलों के लिए काउंसलर और मंत्री के रूप में काम किया। फिर 2010 से 2012 तक नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में अमेरिका डिवीजन का नेतृत्व किया। जावेद अशरफ ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में वर्ष 2016 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव के तौर पर भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि दोनों के बीच इस मुलाकात में रामपुर रजा लाइब्रेरी, कला-संस्कृति, विरासत और दोनों देशों के बेहतर रिश्तों पर बातचीत हुई है। राजदूत जावेद अशरफ रजा लाइब्रेरी में उपलब्ध पांडुलिपियों से बेहद प्रभावित हैं। राजदूत ने कहा कि भारत और फ्रांस के सम्बन्ध परम्परागत रूप से मैत्रीपूर्ण रहे हैं।
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