साप्ताहिक पैठ और अतिक्रमण की वजह से शनिवार को फिर नैनीताल हाईवे जाम की चपेट में आ गया। वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम खुलवाने में पुलिस जूझती हुई नजर आई। सुबह करीब दस बजे से लेकर शाम छह बजे तक हाईवे पर वाहन रेंग-रेंगकर गुजरे। जिसकी वजह से स्कूली बच्चों और नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इधर, एसडीएम ने कहा कि हाईवे से अतिक्रमण न हटाए जाने पर ईओ का जवाब तलब किया जाएगा।
नगर में जर्जर नैनीताल हाईवे के किनारे बेतहाशा अतिक्रमण है। लोगों ने अवैध रूप से हाईवे किनारे फड़, खोखे, ठेले आदि लगा रखे हैं। शनिवार को साप्ताहिक पैठ होने के कारण लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। सुबह करीब दस बजे रामपुर और रुद्रपुर से आने व जाने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने लगा। जिसकी वजह से एक के पीछे एक वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात खराब हो गए। वहीं छोटे वाहन चालकों के जल्दी निकलने के कारण वाहन आड़े-तिरछे फंस गए।
जिसकी वजह भारी वाहन जहां के तहां खड़े हो गए। इसके चलते हाईवे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम का आलम यह हुआ कि मेन हाईवे के अलावा मिलक-केमरी रोड, माठखेड़ा रोड, अस्पताल रोड, सिनेमा रोड, पुरानी तहसील आदि रोडों पर भी जाम लग गया। कोतवाली पुलिस जाम को खुलवाने को जूझती रही। शाम छह बजे तक वाहन रेंग-रेंग कर गुजरे। इस बीच जाम में फंसे स्कूली बच्चों का बुरा हाल रहा।
नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटक भी परेशान दिखे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जाम लगने की खास वजह हाईवे किनारे दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण है। पुलिस पूरे दिन जाम खुलवाने में लगी रही थी। इधर, एसडीएम दुर्गा शंकर गुप्ता ने बताया कि नगरपालिका प्रशासन को अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को कहा गया था, मगर कोई कार्रवाई न करने पर फिर जाम लग गया है। इस मामले में ईओ से जवाब तलब किया जाएगा।