सैदनगर (रामपुर)। गांव बगरौआ में 5 अक्तूबर को किन्नर अमरीन की हत्या करने के मामले में रिश्ते के जीजा सहित दो हत्या के आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है, लेकिन मामले की जांच है। पुलिस के अनुसार इस हत्या में और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिसको पुलिस विवेचना में शामिल कर सकती है।
अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव बगरौआ में 5 अक्तूबर को घटना हुई थी। गांव निवासी अली अहमद की 20 वर्षीय बेटी अमरीन किन्नर थी और वो परिवार के साथ ही रहती थी। 4 अक्तूबर को अमरीन गांव के ही मजार पर जाने की बात कह कर घर से निकली थी। अमरीन वापस नहीं आई तो घर वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। 5 अक्तूबर को परिजनों को सूचना मिली उसका शव गांव के ही कब्रिस्तान में एक पेड़ पर लटका है। सूचना मिलते ही परिजनों के साथ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई थी। परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक नामजद सहित दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान शक होने पर बगरौआ निवासी मतलूब और खंडिया निवासी उसके रिश्तेदार सईद अहमद को गिरफ्तार किया। उसके बाद पुलिस ने जब आरोपी मतलूब से सख्ती से पूछताछ की तब उसने बताया कि मेरी व पत्नी की एक आपत्तिजनक वीडियो गांव में वायरल हो रही थी। वीडियो मतलूब द्वारा कई बार मृतक अमरीन को भेजी गई थी। मतलूब अमरीन पर भी गंदी नियत रखता था। उसे अपनी व अपनी पत्नी की वीडियो भेजकर चिढ़ाता था। जिसके बाद मृतक ने गुस्से में आकर उन दोनों की वीडियो को करीब एक वर्ष पहले वायरल कर दिया था। तब से ही अमरीन से मतलूब रंजिश रखने लगा था। मतलूब ने अमरीन के घर जाकर उसके परिजनों से कहा था कि वह उनकी पुत्री को जान से मार देगा। जिससे मेरा एवं मेरी पत्नी का गांव में रहना दुश्वार हो गया है। मेरी पत्नी भी मुझे ताने मारती रहती थी। जिससे आरोपी काफी परेशान हो गया था। आरोपी ने रंजिशन इसी का बदला लेने के लिए हाथ बांधकर दुपट्टे से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या की घटना को आत्महत्या दर्शाने के लिए अमरीन के शव को पेड़ पर लटका दिया था। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद जांच में और नाम भी शामिल कर सकती है। परिजनों का आरोप है कि मामले में और भी आरोपी शामिल हैं। मामले में अजीमनगर थानाध्यक्ष कर्म सिंह पाल ने बताया कि दोनों मामले में विवेचना चल रही है, परिजनों के अनुसार मामले और भी आरोपी शामिल हैं। इन नामों को विवेचना में शामिल किया जा सकता है।