पटवाई (रामपुर)। होली से अगले दिन 15 मार्च को गांव मथुरापुर में बिना अनुमति डीजे बजाने पर दो पक्षों में फायरिंग व पत्थरबाजी प्रकरण की जांच अब मुरादाबाद की क्राइम ब्रांच करेगी। इसकी विवेचना थाने से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी गई है। जबकि मामले में जेल भेजे गए 12 आरोपियों को जमानत मिल गई है। घटना के 28 दिन बाद भी गांव में पुलिस तैनात है।
मथुरापुर गांव में होली से एक दिन पहले एक पक्ष के लोग डीजे बजा रहे थे। दूसरे पक्ष ने विरोध करते हुए पुलिस बुला ली थी। डीजे बजाने वाले लोगों ने पुलिस से भी धक्का-मुक्की की थी। इसी बात पर होली के एक दिन बाद 15 मार्च की शाम को गांव के दोनों पक्षों में पहले पत्थरबाजी हुई और इसके बाद फायरिंग शुरू ओ गई थी। पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई थी। दोनों पक्ष के चार लोगों को गोली लगी थी। जबकि पत्थरबाजी में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए थे। प्रकरण में पुलिस ने अपनी ओर से 12 नामजद व 100 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जबकि, दोनों पक्षों की ओर से हुई रिपोर्ट में अन्य 21 आरोपी नामजद हुए थे। पुलिस ने 12 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए बरेली एडीजी ने मुरादाबाद एसपी क्राइम को जांच सौंप दी थी। इस प्रकरण में 12 लोगों को जमानत मिल गई है। साथ ही साठ लोगों पर एक-एक लाख रुपये के मुचलके से पाबंद किया था। देखा जा रहा है कि घटना 28 दिनों के बाद पुलिस बल गांव में तैनात है।
दर्ज हुई थीं तीन एफआईआर
पुलिस ने मथुरापुर मामले में कुल तीन एफआईआर दर्ज की थीं। इस घटना के बाद एक ही संप्रदाय के दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। एक पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाते हुए एक पक्ष के दवाब में कार्य करने का आरोप लगाया था। मामला एडीजी जोन बरेली के पास पहुंचा तो मामले की जांच कराने के आदेश डीआईजी को दिए थे। डीआईजी ने इस मामले की जांच मुरादाबाद के एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार को सौंपी थी। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट पिछले दिनों डीआईजी को सौंप दी थी। डीआईजी ने अब पटवाई थाने में दर्ज मुकदमों की विवेचना मुरादाबाद क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
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इस प्रकरण की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इस मामले में दर्ज सभी एफआईआर के संबंध में विवेचना का कार्य मुरादाबाद क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। -
- विद्या सागर मिश्र, एसपी