पाकड़ पर चढ़ जाने के बाद बंदर थैली को फाड़कर नोटों को ऊपर से बिखेरने शुरू कर देता है। पेड़ से रुपये के बरसने का नजारा देख वहां से गुजर रहा हर व्यक्ति स्तब्ध रह जाता है। इससे राहगीरों में अफरा-तफरी मच जाती है। इस दौरान तमाम लोग बरसते हुए नोटों को बीनने में लग गए।
बंदरों ने 1750 रुपयों के नोट फाड़ डाले
बाद में मामले की जानकारी पाकर कोतवाली से पुलिसकर्मी भी पहुंच जाते हैं। पुलिसकर्मी राहगीरों की मदद से बर्फ विक्रेता के रुपयों को इकट्ठा करते हैं और उसे सौंप देते हैंं। मामले को लेकर बर्फ विक्रेता हनीफ ने बताया कि उसके पास दस हजार रुपये थे। जिसमें से 1750 रुपए बंदरों ने फाड़ दिए।