रामपुर। सांसद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने विधायक बनने के बाद से अब तक दो साल में मात्र 15 लाख रुपये का ही कार्य कराया है। उनकी विधायक निधि के 2.96 करोड़ रुपये ऐसे ही खाते में जमा हैं। उन्होंने अब तक विकास कार्य का भी कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। इससे खराब हाल चमरौआ विधायक नसीर खां का है। उन्होंने न तो आज तक किसी विकास कार्य का कोई प्रस्ताव दिया है, न ही विधायक निधि से एक भी रुपया खर्च किया है। मिलक विधायक राजबाला, बिलासपुर विधायक बलदेव औलख एवं एमएलसी घनश्याम सिंह लोधी विधायक निधि पूरी खर्च कर चुके हैं।
सपा सरकार में आठ विभागों के मंत्री रहे आजम खां ने अपने शहर में अरबों रुपये के विकास कार्य कराए। वहीं, आजम खां सांसद बनने के बाद एक रुपये का भी विकास नहीं करा पाए हैं। यही हाल उनकी विधायक पत्नी डॉ. तजीन फात्मा का है। अक्टूबर 2019 में विधायक बनने के बाद से डॉ. तजीन फात्मा विकास कार्य का कोई प्रस्ताव प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराया। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की जान जाने के बाद उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडरों के लिए 15.80 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया था, जो खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा उनकी पूरी धनराशि शेष है। उनकी विधायक निधि में 2.96 करोड़ रुपये बचे हुए हैं। यही हाल चमरौआ विधायक नसीर खां का है। उन्होंने तो विधायक बनने के बाद से अपने क्षेत्र में विकास कार्य के लिए एक भी प्रस्ताव नहीं दिया। लिहाजा, उनकी निधि का भी पैसा ऐसे ही बचा हुआ है। हालांकि, विकास कार्यों के मामले में सपा एमएलसी घनश्याम सिंह लोधी आगे हैं। उन्होंने अपनी विधायक निधि से रामपुर व बरेली समेत कई स्थानों पर अलग-अलग विकास कार्य कराए हैं, जिसमें उनकी पूरी निधि खर्च हो चुकी है। भाजपा से मिलक विधायक राजबाला भी विकास कराने के मामले में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने भी विकास कार्य कराने के लिए सरकार से मिली निधि का पूरा उपयोग किया। जबकि, राज्यमंत्री एवं बिलासपुर से भाजपा विधायक बलदेव सिंह औलख भी अब तक आई निधि खर्च कर चुके हैं।