पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां की पत्नी व राज्यसभा सांसद तजीन फात्मा ने राज्यसभा में सेंट्रल शिया वक्फ काउंसिल के मेंबर एजाज अब्बास नकवी को काउंसिंल से निकालने की मांग की। उनका आरोप था कि एजाज अब्बास नकवी ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर को लेकर निंदनीय टिप्पणी की।
राज्यसभा सदस्य तजीन फात्मा ने राज्यसभा में सत्र के दौरान मामला उठाया कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल के मेंबर एजाज अब्बास नकवी 25 मार्च को रामपुर आए थे। उन्होंने एक न्यूज चैनल के सामने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर निंदनीय टिप्पणी की थी। एजाज अब्बास नकवी ने कहा था कि जौहर यूनिवर्सिटी ऐसे आदमी के नाम पर बनाई गई है जो फिलस्तीन में मर गया था। यह एक कथा कथित पढ़े लिखे शख्स की टिप्पणी है। जबकि मौलाना मोहम्मद अली जौहर स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के उन नेताओं में से थे जिनके बारे में गांधी जी ने कहा था कि अगर अली ब्रादरान न होते तो हिंदुस्तान आजाद नहीं होता।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ने राष्ट्रहित में गोरक्षा की मांग की थी। 1930 में लंदन में गोलमेज कांफ्रेंस में बोलते हुए मौलाना ने स्वराज की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मैं उस स्थिति में देश वापस जाऊंगा जब मेरे हाथ में आजादी का परवाना होगा। तजीन फात्मा ने सवाल किया कि आज क्या हम अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को यही सम्मान दे रहे हैं। उन्हें इस तरह संबोधित किया जाए कि फिलस्तीन में कोई मर गया है। तजीन फात्मा का कहना था कि एजाज अब्बास नकवी जैसे शख्स को सेंट्रल वक्फ काउंसिल में रहने का कोई अधिकार नहीं है।