रामपुर। महाशिवरात्रि पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। शिवरात्रि पर शिवभक्त शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़िए भी हरिद्वार और ब्रजघाट से कांवड़ में जल लेकर शिवालयों में पहुंचकर शिव शंभू पर जल चढ़ाएंगे। दो साल बाद पहली बार कोरोना संक्रमण का खतरा कम होने और शासन की ओर से पाबंदियां कम होने ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शिवालयों में जुटेगी। जिलेभर में हालांकि 100 से ज्यादा शिव मंदिरों पर महाशिवरात्रि और सावन के माह के अलावा प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। लेकिन, भमरौआ स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर, पंजाबनगर के ओम नागेश्वर मंदिर और रठौंडा के वामेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ लगती है। तीनों शिवालयों पर महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक की तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीनों मंदिरों पर बैरिकेडिंग की जा रही है। श्रद्धालु बैरिकेडिंग के गुजरकर ही जलाभिषेक कर सकेंगे। कांवड़ चढ़ाने वाले शिवभक्तों के लिए अलग से लाइन तैयार की जा रही है। इसके अलावा कांवड़ियों को रात में मंदिर में ठहराने के लिए व्यवस्था की गई है। पातालेश्वर महादेव मंदिर भमरौआ में कांवड़ियों को धर्मशाला में ठहराया जाएगा। वामेश्वर महादेव मंदिर रठोंडा और ओम नागेश्वर मंदिर पंजाबनगर में भी कांवड़ियों के रात में ठहरने की व्यवस्था कराई गई है। मंदिरों में रोशनी के लिए जेनरेटर लगाए गए हैं। महाशिवरात्रि पर भंडारा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर कमेटियों की ओर से व्यवस्था की गई है।