मदरसा आलिया का प्रकरण गरमाता जा रहा है। पुलिस भी मदरसा आलिया पहुंची और कुछ देर रुकने के बाद वापस लौट गई। सूचना के बाद सपाई भी पहुंच गए। लेकिन, पुलिस जब तक जा चुकी थी। बाद में सपाइयों ने मीटिंग कर पुलिस का विरोध जताया। आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्चों को डराया। पुलिस को देखकर बच्चे सहम गए। हालांकि पुलिस ने मदरसा आलिया पहुंचने की बात से इनकार किया है।
सपाइयों को सुबह सूचना मिली कि मदरसा आलिया में पुलिस पहुंची है। पुलिस बच्चों को डरा धमका रही है। पुलिस को देखकर बच्चे सहम गए हैं। सूचना के बाद पूर्व मंत्री आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, रामपुर गन्ना सहकारी समिति के चेयरमैन मसूद खां गुडडू के साथ सफाई मदरसा आलिया पहुंचे। लेकिन, सपाइयों के पहुंचने तक पुलिस जा चुकी थी। इसके विरोध में सपाई पार्टी दफ्तर पर एकत्र हुए। सपाइयों ने मीटिंग कर पुलिस के रवैये की मजम्मत की।
चमरौवा के विधायक नसीर अहमद खां ने कहा कि पुलिस को इस तरह मदरसे में जाकर बच्चों को डराने का कोई अधिकार नहीं है। पुलिस को अगर कोई जानकारी हासिल करनी थी तो संबंधित लोगों से मिलना चाहिए था। स्वार-टांडा के विधायक अब्दुल्ला आजम खां ने कहा कि पुलिस शहर का माहौल खराब करने के साथ टकराव पैदा कर रही है। सपा जुल्म के खिलाफ हर संघर्ष के लिए तैयार है। लेकिन शहर का माहौैल खराब नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा के शासन में पुलिस की मनमानी बढ़ती जा रही है। जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, नगराध्यक्ष आसिम राजा, रामपुर गन्ना समिति के चेयरमैन मसूद अहमद खां गुड्डू आदि रहे।