नहर और लीज पर दी गई जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर किसान मोदी फैक्ट्री के प्रबंधतंत्र पर भड़क गए। उन्होंने फैक्ट्री में घुसकर धरना दिया और मेन गेट में ताला डाल दिया। आक्रोशित किसानों ने जमीन पर कब्जा कर ट्रैक्टर चला दिया। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक और एसडीएम भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसपी ने आश्वासन देकर किसानों से गेट खुलवाया।
भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व कार्यकर्ता और दुर्गनगला के किसान मंगलवार को मोदी फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने नहर की जमीन और लीज पर दी गई भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर प्रदर्शन बाद किसान बेमियादी धरने पर बैठ गए। आक्रोशित किसानों ने फैक्ट्री के मेन गेट में ताला डाल दिया। किसानों के आक्रामक रुख को देखकर फैक्ट्री में पुलिस तैनात कर दी गई। किसान जुलूस की शक्ल में विवादित जमीन पर पहुंचे और उस पर कब्जा कर ट्रैक्टर चलवा दिया। बाद में उसमें उरद भी बो दिए।
सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी, एसडीएम सदर भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक ने किसानों से वार्ता की। उन्होंने दिया कि दो दिन बाद समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। एसपी के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर मेन गेट ताला खोल दिया। धरना देने वालों में जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव, उस्मान अली पाशा, मोहम्मद तालिब, दुर्गनगला के प्रधानपति जाफर अली, हरिओम, होरी लाल, रामऔतार, मुजम्मिल, फुरकान, अर्जुन, फारूख, फजले, छोटे, असगर अली, नजाकत, मुर्तजा, तजम्मुल, मंजू अली, रुकम सिंह, चौधरी अजीत सिंह शामिल थे।