मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक ग्रामीण की ढाई वर्ष की बालिका घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि 21 मार्च 2023 को बालिका का पड़ोसी जब वह घर के बाहर खेल रही थी। उसको उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। लहुलुहान बालिका बेहोशी की हालत में खाली खेत में पड़ी मिली। परिजनों ने जब उसके आंतरिक अंगों पर चोटें देखी तो उनके होश उड़ गए और उन्होंने थाना अजीमनगर में पड़ोसी आरोपी खेमकरन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सोमवार को इस मुकदमें की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मो. रफी की कोर्ट में हुई।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने वादी मुकदमा सहित 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही तीन डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है, लिहाजा आरोपी को बरी किया जाए। कोर्ट ने दोनेा पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी खेमकरन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दी जाए। कोर्ट ने इस मुकदमें का फैसला तीन माह के अंदर सुनाया है।
आरोपी को आजीवन जेल में रखकर पूरा होगा मासूम का दर्द
आरोपी को सजा सुनाते समय कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि मासूम बालिका जिसके साथ आरोपी ने कुकृत्य करके असीम शारीरिक, मानसिक दुख दिया है, जिससे मासूम के दो ऑपरेशन हुए हैं और उसका एक ऑपरेशन होना शेष है। उसकी पीड़ा को देखते हुए आरेापी को पूरा जीवन जेल में ही व्यतीत करना होगा, जिससे बालिका की पीड़ा कम हो सके। कोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी की है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के प्रति सजग रहें।
कब क्या हुआ:-
-21 मार्च 2023 को मासूम के साथ आरोपी ने किया दुष्कर्म
-19 अप्रैल 2023 को कोर्ट ने लिया संज्ञान
-5 मई 2023 को कोर्ट ने तय किए आरोप
-3 जुलाई 2023 को कोर्ट ने सुनाया फैसला
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
-धारा 363, 376 एबी, आईपीसी
-धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012