रामपुर। बुधवार रात के बाद बृहस्पतिवार को भी दिन भर भारी बारिश के चलते शहर जलमग्न हो गया। शहर से लेकर देहात तक बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर व देहात क्षेत्रों के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई। जबकि देहात में मकानों की छत गिरने और पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए हैं। वहीं किसानों को भी धान की फसलों को नुकसान हुआ है। धान की फसलें लगभग तैयार हैं, ऐसे में तेज हवाओं से फसल गिरने से नुकसान हुआ है।
बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार पूरा दिन जारी रही, जो करीब 80 एमएम दर्ज की गई है। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश से उमस और गर्मी से राहत तो दे दी है। लेकिन आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश से शहर के कचहरी रोड, आगापुर रोड, गांधी समाधि, नैनीताल हाईवे और रोडवेज वर्कशाप में पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। जबकि शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी हो गई। शौकत अली रोड, पालिका क्षेत्र, सिविल लाइन और स्टार चौराहे पर जगह-जगह नालियां चोक होने के चलते मलबा सड़काें पर आ गया। इस दौरान 9.8 किमी पूर्वी हवाएं चलने से मौसम में नरमी आ गई। वहीं देहात क्षेत्रों में कच्चे व पक्के मकानों की छत गिरने से नुकसान हुआ है, जबकि कई जगहों पर बारिश के साथ तेज हवा से पेड़ गिरे हैं। जबकि शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में बिजली प्रभावित हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम के जानकारों ने बताया कि अगले दो दिन और इसी तरह से बारिश हो सकती है।
बारिश से मकान की छत गिरी, दो बच्चियां चोटिल
स्वार। कोतवाली क्षेत्र के रतनपुरा गांव में मुश्तेकार के घर की छत बारिश के कारण बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे टूटने लगी। उसकी पत्नी और बच्चे घर में ही थे, पत्नी बच्चों को लेकर बाहर निकली। लेकिन मलबे में उसके दो बच्चे आलिया और आशरा मलबे की चपेट में आ गए, जिससे मामूली चोटिल हो गए। घटना के समय गृहस्वामी घर नहीं था, वह नेपाल में मुर्गी के बच्चे बेचने के लिए गया हुआ है। छत गिरने का धमाका और मजदूर के परिवार की चीख पुकार सुनकर पड़ाेसी आ गए। जिन्होंने मलबा हटाकर घरेलू सामान बाहर निकाला। ग्रामीणों ने परिवार को सुरक्षित पाकर राहत महसूस की। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना एसडीएम अमन देवल को दे दी, जिसके चलते हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचा और घटना की जांच की।
जयतोली, टांडा और अलफ्गंज में बारिश का कहर, घर का लिंटर
शाहबाद। बृहस्पतिवार तड़के पांच बजे तहसील क्षेत्र के ग्राम जयतोली में ओमवती देवी का मकान का लिंटर भरभराकर गिर पड़ा। लिंटर गिरने से पहले ही घर के लोग निकल आए थे। लेकिन लिंटर के नीचे रखा जरूरी सामान, कपड़े तथा अन्य वस्तुए दब गई। जिससे ओमवती देवी का काफी नुकसान हुआ है। सूचना के बाद एसडीएम सुनील कुमार ने हल्का लेखपाल रफीक अहमद को मौके पर भेज कर जांच कराई। हल्का लेखपाल ने जांच कर रिपोर्ट एसडीएम को प्रेषित कर दी है। वहीं ग्राम टांडा में नीरज देवी का का कच्चा मकान गिर गया।
बारिश के चलते मकान का लेंटर गिरा, बाल-बाल बचे परिजन
मिलक। कोतवाली क्षेत्र के लखीमपुर गांव में अर्जुन सिंह दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। बुधवार की रात्रि उसकी पत्नी अनीता देवी एक बेटी और दो बेटे के साथ मकान में गहरी नींद में सो रहे थी। तेज बारिश हो रही थी। रात के 12 बजे मकान का लेटर भर-भराकर गिर गया। धमाके की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रहे परिवार के सदस्य घबराकर मकान से बाहर खड़े हो गए। इसी दौरान दूसरे कमरे का लिंटर गिर गया। पूरी रात परिवार ने दहशत और बारिश के बीच पड़ोसी के घर पर रात गुजारी। सूचना पर एसडीएम राजेश कुमार पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने मकान का निरीक्षण किया। वहीं सैदनगर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के खौद का मझरा में विधवा महिला कलावती अपनी बेटी लाडो दामाद छोटू और बेटी के तीन बच्चे पूरे परिवार के साथ रहती है। बारिश में महिला के मकान की कच्ची छत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही उस समय परिवार के लोग पन्नी की झोपड़ी में बैठे हुए थे।
बुधवार रात 12 बजे से हुई कटौती, सुबह तक नहीं आई बिजली
रामपुर। शाहबाद गेट पर रात 12 बजे से सप्लाई चली गई थी, जिसके बाद से कई बार ट्रिपिंग हुई, लेकिन बिजली नहीं रुक सकी। इसके बाद सुबह नौ बजे तक बारिश हल्की होने के साथ सप्लाई सुचारू हो सकी। यही हाल ज्वाला नगर, बिलासपुर गेट और बरेली गेट, डूंगरपुर, किला क्षेत्र समेत कई इलाकों की बत्ती गुल हो गई। इन इलाकों में सुबह नौ बजे तक सप्लाई सुचारू कर दी गई थी। इसके बाद भी बूंदाबांदी होती रही और दिन भर बिजली आंखमिचौली खेलती रही। एक्सईएन प्रथम इमरान खां ने बताया कि मौसम की वजह से तारों में फाल्ट हो गया था, लेकिन इसके बाद इसको सुचारू करा दिया गया था।
हाईटेंशन लाइन में ब्रेकडाउन से स्वार समेत दो सौ गांव की बिजली ठप
स्वार। टांडा -स्वार के बीच हाईटेंशन विद्युत् लाइन में ब्रेकडाउन के कारण स्वार समेत क्षेत्र के लगभग दो सौ गाँवों की बिजली ठप होकर रह गई है। बारिश ने ब्रेकडाउन दूर करने में खलल डाला जिसके चलते 18 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बारिश ने पेट्रोलिंग में व्यवधान पैदा किया। इसके बावजूद पेट्रोलिंग हुई तब स्वार से टांडा के बीच 33 हजार क्षमता की लाइन प्र कई जगह पेड़ की डालियां लाइन पर टूटी हुई पाई गईं। कई जगह क्रास आर्म्स क्षतिग्रस्त मिले। पेट्रोलिंग टीमों ने फाल्ट दूर किये लेकिन समाचार भेजे जाने तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। बिजली ठप होने से नगर समेत क्षेत्र के दो सौ से अधिक गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। नगर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। समाज सेवी मोहम्मद अलीम कुरेशी, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष लाईक गोल्डन, अतीक अंसारी और राकेश कश्यप का कहना है कि बार-बार हाइटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने की समस्या का समाधान कराया जाए।
16 घंटे से अधिक ठप रही विद्यतापूर्ति
बिलासपुर /खजुरिया। बारिश और तेज हवा के चलते कई जगह पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गए। कई स्थानों पर इंसुलेटर भी फट गए, जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति 16 घंटे से अधिक पूरी तरह ठप रही। नगर की भी विद्युत आपूर्ति लाइनों में फाल्ट आने की वजह से करीब चार घंटे से अधिक प्रभावित रही।
बुधवार की रात करीब 12 के बाद तेज हवा और बारिश शुरू हुई। रात करीब 2 बजे कुआंखेड़ा, बेगमाबाद विद्युत उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति लाइनों में फाल्ट आने की बजह से पूरी तरह से ठप हो गई। जिसकी वजह से 50 से अधिक गांवों में अंधेरा हो गया। अशोकनगर से कुआंखेड़ा आ रही बिजली की हाईटेंशन लाइन के ऊपर पेड़ की टहनियों के गिरने से फाल्ट हो गया। नगर में शिवबाग मंडी के पीछे एक पेड़ टूट कर बिजली की लाइनों पर गिर गया। नगर में भी कई स्थानों पर इंसुलेटर फट गया। बृहस्पतिवार की सुबह विद्युत कर्मियों ने बारिश थमने पर फाल्टों को ठीक करना शुरू किया। पेड़ को हटाकर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया, मगर बार-बार फाल्ट होते रहे। कुआंखेड़ा विद्युत उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति शाम करीब 5 बजे तक पूरी तरह ठप रही। नगर में भी हाईवे किनारे ब्लॉक के पास समेत तमाम स्थानों पर इंसुलेटर फटने की वजह से विद्युत आपूर्ति चार घंटे से अधिक प्रभावित रही। एसडीओ प्रदीप कुमार प्रसाद ने बताया कि बारिश व तेज हवा की वजह से इंसुलेटर फटने व जगह-जगह पेड़ की टहनियां बिजली की लाइनों पर गिरने की वजह से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिन्हें कर्मचारी ठीक कर रहे हैं।
ब्रेकडाउन से मसवासी में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप
मसवासी। टांडा से दढ़ियाल होकर मसवासी पहुंच रही हाईटेंशन लाइन में ब्रेकडाउन से बीते 24 घंटे से नगर सहित 36 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में नगर की पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। जिससे मसवासी नगर सहित बिजारखाता, खौद शरीफ, खानपुर उत्तरी, नानकर रानी, आरसल पार्सल, चाऊपुरा, भूबरा, सीतारामपुर, अलीगंज, कुंदनपुर, धर्मपुर उत्तरी, मजरा खुशहालपुर, किशनपुर मौलागढ़, हसनपुर उत्तरी, मंसूरपुर, सेमरा लाड़पुर, घोसीपुरा, पट्टीकलां, करीमपुर, मिलक नौखरीद ,कुंदनपुर, शेखूपुरा और बड़ापुरा समेत 36 गांवों की बिजली आपूर्ति बीते 24 घंटे से ठप है। बिजली न आने से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 33 हजार केवी लाइन में हुए ब्रेकडाउन से बिजली कर्मी भी हलकान है। ब्रेकडाउन तलाश करने के लिए लाइन पर पेट्रोलिंग की जा रही है। कई लाइनमैनों को मौके पर भेजा गया है लेकिन लाइन का ब्रेकडाउन अभी तक दूर नहीं किया जा सका है। कस्बे की बिजली आपूर्ति पर निर्भर पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई है। बिजली विभाग के जेई सतेंद्र यादव ने बताया कि कार्य प्रगति पर है, शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु कर दी जायेगी।
कृषि अधिकारी ने किया अलर्ट, 14 तक हो सकती है बारिश
रामपुर। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने किसानों को अलर्ट किया है। उन्होंने बताया कि 13 व 14 सितंबर को तेज हवा के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। उन्होंने अपील की है किसान धान फसलों में पानी भराव से बचाने के लिए पानी के निकास की व्यवस्था कर लें, जिससे फसल के गिरने की संभावना से बचा जा सकें। फसलों का फसल बीमा अवश्य करायें, जिससे आकस्मिक दैवीय आपदा जैसे भारी वर्षा व ओलावृष्टि से फसलों को होने वाली हानि से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त अन्य किसी समस्या के लिए कार्यालय में कंट्रोल रूम बना दिया गया है। किसान कंट्रोल रूम नंबर- 9458550270 व 9411454827 पर अपनी समस्या के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं।