...पकड़ो ...मारो यह रहा। करीब तीन घंटे तक कोठी खास बाग के जंगल में ऐसा शोर मचा। स्थानीय लोग और वन विभाग की टीम ने चप्पे-चप्पे में बंदूक, तमंचों और लाठी-डंडों से लैस होकर आपरेशन सर्च चलाया, लेकिन कहीं भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया।कोठी खास बाग में पिछले तीन चार दिनों से तेंदुआ आने को लेकर शोर मचा है। वन विभाग ने पिंजरा भी लगा रखा है, जोकि तीसरे दिन भी खाली पड़ा रहा।
कोठी खासबाग के जंगल में कई तीन चार दिन पहले तेंदुआ आने की सूचना मिली थी। तेंदुए को पकडने के लिए वन विभाग ने जंगल में पिंजरा लगा दिया। शाम होते ही इससे जुड़े इलाके में रहने वाले लोगों में तेंदुए का खौफ अभी भी बरकरार है। किसान जंगल में भी डरते-डरते जा रहे हैं। जंगल में बच्चों के जाने पर पाबंदी लगा दी है।
डीएफओ ने शुक्रवार को सभी रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों को तलबकर कोठीखास के पूरे जंगल की कांबिंग की। कर्मचारियों ने झाड़ियों की भी तलाशी ली। डीएफओ ने बताया कि करीब तीन घंटे की कांबिंग में तेंदुआ होने के कोई सुबूत नहीं मिले। हालांकि पिंजरा अभी लगा हुआ है।