तेंदुए ने फार्म हाउस में घुसकर गाय पर किया हमला, घायल
सोमवार की रात पार्सल गांव स्थित फार्म हाउस में घुसा, लोगों के पहुंचने पर जंगल की ओर भाग गया
मसवासी (रामपुर)। क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने तेेंदुए ने पार्सल गांव स्थित एक फार्म हाउस में घुसकर वहां बंधी गाय पर हमला कर दिया। गाय की आवाज सुनकर फार्म हाउस स्वामी और उनका परिवार जाग गया, जिसके चलते ललकारने पर तेंदुआ जंगल में भाग खड़ा हुआ। घायल गाय का उपचार किया जा रहा है। इस बीच इस हमले से क्षेत्र में तेंदुए की दहशत और बढ़ गई है।
मसवासी क्षेत्र के पार्सल गांव में गुरबाज सिंह पुत्र हरजिंदर सिंह का फार्म हाउस है। उनके फार्म हाउस की चारों ओर से बाउंड्री है। बताया जाता है कि फार्म हाउस स्वामी सोमवार की रात परिवार के साथ सो रहे थे कि इसी दौरान परिसर में बंधी गाय ने जोर जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके चलते फार्म हाउस स्वामी की आंख खुल गई। परिजन भी जाग गए। वह समझे कि परिसर में शायद पशु चोर घुस आए हैं। इस आशंका के चलते वह लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। वह उस वक्त सन्न रह गए जब गाय के पास तेंदुए को देेखा। जब तेंदुए ने लाठी डंडे लेकर आए लोगों को देखा तो वह दीवार फांद कर जंगल की ओर भाग निकला। फार्म हाउस स्वामी ने गाय को देेेखा तो शरीर पर कई जगह जख्मों के गहरे निशान थे, जिनसे खून बह रहा था।
गाय की हालत देखकर उनके होश फाख्ता हो गए। सुबह जब तेंदुए के हमले में गाय घायल होने की सूचना आसपास के गांवों में पहुंची तो दहशत और बढ़ गई। फार्म हाउस स्वामी गुरबाज सिंह ने बताया कि जागते नहीं तो गाय तेंदुआ का शिकार हो जाती। सूचना मिलने पर वन दरोगा शील कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेंदुए के हमले में गाय घायल होने पुष्टि की।
दस दिनों से दहशत का पर्याय बना हुआ है तेंदुआ
स्वार। शिकारपुर और आसपास के आधा दर्जन गांवों में तेंदुए की दहशत बीते दस दिनों से बरकरार है। वन विभाग ने हालांकि दो जगह पिंजरा लगा रखा है, इसके बावजूद वह पकड़ में नहीं आ रहा है। आर्सल गांव में गाय पर हुए हमले के बाद से तो ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
शिकारपुर के जंगल के अलावा निकटवर्ती जंगल में अलग-अलग दो जगह पिंजरा भी लगा दिया गया लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका है। ग्रामीणों कहना है कि तेंदए के साथ शावक भी हैं।