जायदा और रेशमा के मकान टूटने के बाद से चूल्हा नहीं जला। पति भी पुलिस के डर से चार दिन से गायब है। वह खुद तो भूख सहन कर रही हैं लेकिन बच्चों की भूख देखी नहीं जा रही।
गांव में किसी के घर से बच्चों को खाने में सहयोग मिला तो ठीक। रिश्तेदारों को उनके हालात की जानकारी तो थी पर पुलिस के भय से वह दूर थे। बच्चों की भूख की तड़प जब अपने दिलों में बर्दाश्त न हुई तो यह रिश्तेदार खाना लेकर मंगलवार को आलियागंज पहुंचे।
जायदा के पति नासिर बलवे के बाद से गायब है। जायदा के पिता जुल्फिकार निवासी बरकी मंडैया थाना मूंढापांडे जिला मुरादाबाद से बच्चों के लिए खाना लेकर आलियागंज पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस से डर गांव नहीं आ रहे थे। बच्चों के भूख की चिंता थी तो छुपते छिपाते बच्चों के लिए खाना लेकर बेटी के घर चले आए।
जाकिर भी बवाल के बाद से गांव से गायब है। उसकी पत्नी रेशमा और बच्चे ही घर पर हैं। रेशमा की ननद शहजादी निवासी रुद्रपुर थाना टांडा से मंगलवार को खाना लेकर पहुंची थी। नामे अली के घर पर चूल्हा तीन दिन से नहीं जला। बताया कि पुलिस चूल्हा तोड़ गई थी। परेशानी में भूख प्यास की चिंता ही न रही। बच्चों की भूख मिटे इसके लिए मंगलवार को तांगे पर ईंट आदि ढोकर वह जंगल में ले जा रही थी ताकि जंगल में चूल्हा जलाकर सुकून से बच्चों का पेट भर सके।
बच्चे नहीं जा रहे स्कूलः बच्चे भी दहशत में स्कूल नहीं जा रहे। कुछ को उनकी मां ने अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। जो हैं वह घरों में दुबके रहते हैं। मौका लगा और दो चार बच्चे एकत्र हुए तो गली, सूने घर और घरों के सामने मैदान में क्रिकेट आदि खेलने लगते हैं।