नैनीताल हाईवे किनारे सरकथल गांव के पास पलटे कैप्सूल से रातभर गैस का रिसाव होता रहा, जिसकी वजह से आसपास के आठ गांवों के लोगों में दहशत का माहौल रहा। दिन में भी रुक-रुककर रिसाव होता रहा। हालांकि, मौके पर मौजूद बाटलिंग प्लांट के वैज्ञानिक केमिकल का लेप लगाकर रिसाव बंद करते रहे।
इधर, पुलिस प्रशासन ने गैस कैप्सूल हटवाने और रिसाव को रोकने के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाये। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर आवागमन चालू रहने के दौरान अगर कोई हादसा हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है।
मंगलवार पूर्वाह्न इण्डेन गैस से भरा एक कैप्सूल गुजरात के पिपावा से उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी स्थित इण्डेन गैस बाटलिंग प्लांट जा रहा था। टांडा दढ़ियाल के बीच सरकथल के पास बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। कैप्सूल पलटते ही मार्ग पर अफ़रा तफरी मच गई। जिस पर पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर आवागमन बंद करा दिया था। सूचना पर उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी स्थित बाटलिंग प्लांट से पहुंचे वैज्ञानिकों की टीम क्रेन से कैप्सूल को बाहर निकालना शुरू ही किया था कि कैप्सूल से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे अफरातफरी मच गई।
आनन-फानन में हाईवे पर तीन किलोमीटर पहले ही ट्रैफिक को रोक दिया गया और आसपास के गांवों में मुनादी कराके आग जलाने से रोकने की अपील की गई। बिजली आपूर्ति भी बंद करा दी गई है। बाद में वैज्ञानिकों की टीम ने अस्थाई तौर पर गैस रिसना बंद कर दिया था। लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक कैप्सूल से रातभर गैस रिसती रही।
कैप्सूल से गैस रिसाव के चलते आसपास के गांव सरकथल, लालपुर, पीपलीनायक, महमूदपुर, सिकमपुर मिलक, चंदूपुरा, चकदुल्ली, चक गजरौला समेत कई गांवों में दहशत रही। वहीं पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण हाईवे यातायात चालू हो गया। जिसकी वजह से वहां पर कभी हादसा हो सकता था।
गांव चकदुली निवासी चंद्र पाल सिंह, सरकथल निवासी परम सिंह, महमूदपुर निवासी होशियार सिंह, चंदूपुरा राकेश सिंह, राजीव कुमार, विरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अगर रिसाव के चलते कोई बड़ा हादसा हो जाता तो इसका कौन जिम्मेदार होता। जबकि पलटे कैप्सूल के बराबर से रात में वाहन आते जाते रहे। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
इस संबंध में एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि वैज्ञानिकों द्वारा रिसाव रोक दिया गया था। पुलिस प्रशासन मोहर्रम की ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण कैप्सूल खड्ड से बाहर नहीं निकाला गया। रात्रि के दौरान कैप्सूल को खड्ड से बाहर निकाला जायेगा।