रामपुर। लालपुर पुल प्रकरण में हाईकोर्ट में सेतु निगम के प्रबंध निदेशक एवं रामपुर के जिलाधिकारी ने जबाव दाखिल कर दिया है और अवमानना याचिका को निरस्त करने का अनुरोध किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी।
लालपुर पुल निर्माण को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने वर्ष 2020 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। यह याचिका अधिवक्ता ब्रजेश कुमार पांडेय के माध्यम से दाखिल की गई थी। जिसमें उनका आरोप था कि तत्कालीन सपा सरकार में लालपुर का पुल निर्माण नहीं होने दिया गया। जिससे क्षेत्र की 70 प्रतिशत जनता को परेशानी हो रही है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका स्वीकार करते हुए दो नवंबर 2020 को पुल का निर्माण कराने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। हाफिज अब्दुल सलाम का आरोप है कि अधिकारयों द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया, जिस पर उनके द्वारा हाईकोर्ट के अधिवक्ता ब्रजेश कुमार पांडेय के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल कर दी, जिसके बाद हाईकोर्ट नोटिस जारी करते हुए जबाव मांगा था। अफसरों ने हाईकोर्ट के नोटिस मिलने के बाद जबाव दाखिल कर दिया और अवमानना याचिका को निरस्त करने की अपील की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी।