स्वार (रामपुर)। फर्जी जाति प्रमाण के सहारे प्रधान चुने जाने की आरोपी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस उसे चार माह से तलाश कर रही थी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में केशोनागली ग्राम पंचायत का प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। जिसमें शकुंतला ने नामांकन पत्र दाखिल किया और वह प्रधान निर्वाचित हो गईं। उनकी जीत के बाद ग्रामीण दिलदार हुसैन ने शकुंतला के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताकर शिकायत कर दी। जांच में पता चला कि वास्तव में जाति प्रमाण पत्र क्षेत्र के गांव अलीनगर जागीर निवासी राखी पुत्री हरद्वारी के नाम जारी हुआ था। कूट रचित करके शकुंतला अंकित कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाया और नामंकन के साथ जमा कर चुनाव जीता गया है। हालांकि आरोपी वास्तव में भी अनुसूचित जाति वर्ग की हैं लेकिन, नामांकन का समय निकला जा रहा था इस लिए प्रमाण पत्र में कूट रचना की गई। न्यायालय के आदेश पर शकुंतला और उसके बेटे सोहन के खिलाफ संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी दो माह से फरार थी। रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर में मौजूद है तब पुलिस ने लेडी पुलिस को साथ लेकर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोतवाल हरेंद्र सिंह का कहना है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में आरोपी शकुंतला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।