भोट। कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं का कोयला टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में सोमवार को खाद की किल्लत का भी मुद्दा उठाया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई कि वह धान खरीद केंद्रों पर जाकर पूरी हकीकत जानें।
तीनों कृषि कानून वापस और एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर किसानों का धरना 158वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने खाद की किल्लत का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अधिकारी पर्याप्त खाद की बात कर रहे हैं, जबकि कई सहकारी समितियों पर खाद नहीं है।
जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी कि वह रोजाना धान क्रय केंद्रों पर जाकर सच का पता लगाएं। बिचौलियों का धान केंद्र से कब और किस ट्रक नंबर से उठवाया गया है, उसका नंबर भी दर्ज किया जाए। तीन नवंबर को शासन को धान खरीद की फीडबैक देना है। इसके बाद आठ तारीख को लखनऊ फिर बुलाया है।
राइस मिलर्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि धान खरीद फर्जीवाड़े में सबसे अहम भूमिका राइस मिलर्स की है। अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं और जो जाते भी हैं, तो सिर्फ खानापूरी कर वापस आ जाते हैं। किसी भी अधिकारी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि जिस किसान के नाम से धान तुलवाया गया है, वास्तव में वह धान उसका है या उसके नाम पर बिचौलियों का धान खरीदा गया है।
उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने की अपील की। इस दौरान जागीर सिंह, सुखविंदर सिंह चीमा, मोहम्मद तालिब, लक्खा सिंह, दिलशाद, अयूब हाफिज, नईम प्रधान, छिद्दा अली, मास्टर साबिर हुसैन, राम अवतार, जुम्मा, रामगोपाल, हाजी नत्थू, देवीदास, अबरार, चंद्रसेन, सतपाल आदि शामिल रहे।