गुरुद्वारा किला कैंप में बैसाखी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मुख माथा टेका। इस मौके पर कीर्तन करते हुए रणजीत कौर ने कहा कि अमृतपान किए बिना सिख अधूरा है।
सभी सिखों को अमृतपान करना चाहिए। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर दीन दुखियों की सेवा करना है सच्ची सेवा है। गुरुद्वारा किला कैंप में रविवार को दीवान सजाए गए। इस मौके पर कीर्तन करते हुए जगमोहन सिंह निमाणा ने कहा कि हमें गुरुओं के बलिदान को नहीं भूलना चाहिए। गुरुओं के बताए मार्ग पर चलाना चाहिए।
गुरुद्वारा के प्रधान सुरिंदर सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया और गणमान्य व्यक्तियों को सरोपा भेंट किया। इस मौके पर सेवा सिंह, सुरिंदर सिंह, मनमीत सिंह, जसपाल सिंह, अनूप सिंह, निर्मल सिंह, सुरजीत सिंह, जगमोहन सिंह निमाणा, रणजीत कौर, अवतार सिंह, बलबीर सिंह, हरबंस खत्री, मनीष खुराना, त्रिलोचन सिंह, इंदरजीत सिंह आदि रहे।